कोरबा जिला जिले के तानाखार क्षेत्र के किसानों ने बताया कि हमारे रकबे काट दिए गए हैं जिससे हमें जुड़वाने के लिए कई कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं हर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ते हुए कहते हैं कि यह काम तहसील में होगा कोई कहता है कि पटवारी करेंगे यह कहकर किसानों को परेशान किया जा रहा है यहां वहां दौड़ाया जा रहा है कभी इस कार्यालय तो कभी उसे कार्यालय किसानों से पूछे जाने पर बताएं किसानों ने की हम पूर्व में भी धान बेचते थे मंडी ने हमें कर्ज भी दिया और आज बताया जा रहा है कि आप भूमिहीन है बिना जांच किया ही रकबों को काट दिया गया है जिस पर किसानों ने भारी चिंता जताते हुए कहा कि यदि हम इसे किसी दुकान में जाकर के बेचते हैं तो उसे अवैद्य बता दिया जाता है और उसे जप्त कर लिया जाता है यह कहकर कि यह अवैध धान है
यदि हमारा जमीन नहीं है तो हमें कर्ज कैसे दे दिए और धान मंडी में पहुंच रहे हैं किसान तो उन्हें बताया जा रहा है कि आपका कर्जा है तो कर्ज का हिसाब तो हो जा रहा है लेकिन हमारे जमीन के जो रकबे काट दिए गए हैं जो हमारा धान नहीं बिक रहा है इसका हिसाब क्या है
तो ऐसे में शासन को चाहिए कि बेहतर जांच कर जो रकबे काट दिए गए हैं उसे फिर से यथावत जारी कर देना चाहिए जिससे किसानों को हो रही मानसिक और आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिल सके
और अपने धान को मंडी में बेच सकें
S N इंडिया न्यूज़ से पुरुषोत्तम साहू की रिपोर्ट


