कोरबा। कोरबा जिले के ग्राम पंचायत भिलाईबाजार में वर्षों से बदहाल पड़ी ग्रामीण सड़कों को लेकर की गई शिकायत अब रंग लाती हुई दिखाई देने लगी है। समाजसेवी प्रदीप जायसवाल (भिलाईबाजार) द्वारा जनहित में उठाई गई आवाज़ का असर यह हुआ कि प्रशासन हरकत में आया और जमीनी स्तर पर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया गया।
जनदर्शन पोर्टल के माध्यम से उठी थी मांग
भिलाईबाजार चौक से केसला, गंगदाई, बिरदा एवं तेंदवाही होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-130) से जोड़ने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर समाजसेवी प्रदीप जायसवाल द्वारा जनदर्शन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया था। यह आवेदन मुख्यमंत्री निवास, रायपुर कार्यालय के माध्यम से कलेक्टर कोरबा के जनदर्शन पोर्टल में दर्ज हुआ।
शिकायत में उल्लेख किया गया था कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि आम ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
प्रशासन ने लिया संज्ञान, मौके पर पहुंची तकनीकी टीम
आवेदन दर्ज होने के बाद छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (CGRDA) की परियोजना क्रियान्वयन इकाई, कोरबा ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद सहायक अभियंता एवं उप अभियंता द्वारा मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का भौतिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिस मार्ग की मरम्मत की मांग की गई है, वह कुल पांच अलग-अलग सड़कों से जुड़ा हुआ है और सभी की स्थिति कहीं न कहीं चिंताजनक है।
भिलाईबाजार–कटसिरा मार्ग सबसे अधिक प्रभावित
निरीक्षण रिपोर्ट में यह पाया गया कि भिलाईबाजार से कटसिरा तक 12.50 किलोमीटर लंबा मार्ग आंशिक रूप से अत्यधिक क्षतिग्रस्त है और जगह-जगह बड़े गड्ढों से भरा हुआ है। इस मार्ग पर रोज़ाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे सड़क की हालत और खराब हो चुकी है।
हालांकि राहत की बात यह है कि इस मार्ग को वर्ष 2025–26 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत नवीनीकरण के लिए प्रस्तावित किया गया है।
भारी वाहनों से टूटी अन्य सड़कें
इसी तरह भिलाईबाजार–कटसिरा से कन्हैयाभाटा–गंगदई तक 2.57 किलोमीटर का मार्ग भी भारी वाहनों के लगातार आवागमन से बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया। सड़क की सतह उखड़ चुकी है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
अन्य जुड़े मार्गों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पूरे क्षेत्र में सड़क सुधार की सख्त आवश्यकता है।
ग्रामीणों को मिली उम्मीद की किरण
प्रशासनिक अमले के मौके पर पहुंचने और निरीक्षण किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान अब जल्द होगा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ये सड़कें दुरुस्त हो जाती हैं तो क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।
समाजसेवी की पहल की हो रही सराहना
समाजसेवी प्रदीप जायसवाल की इस पहल की ग्रामीणों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और समाजसेवी इसी तरह जनदर्शन जैसे माध्यमों का सही उपयोग करें, तो जनसमस्याओं का समाधान संभव है।
अब सबकी नजर आगे की कार्रवाई पर
फिलहाल निरीक्षण के बाद तैयार की जा रही रिपोर्ट और प्रस्तावों पर सबकी नजर टिकी हुई है। यदि प्रस्तावित योजनाओं पर समयबद्ध तरीके से कार्य शुरू होता है, तो आने वाले समय में भिलाईबाजार और आसपास के गांवों की तस्वीर बदल सकती है।




