प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ
कोरबा जिले पाली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़ापार में शिक्षा की मंदिर शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुड़ापार में आज दोपहर 12:00 बजे जब क्लास चल रही थी।तभी अचानक स्कूल की छत टूट कर गिर गई। जिस हादसे में वहां पड़ रहे बच्चे बाल बाल बच गए। ये शिक्षा की निव स्कूलों के माध्यम से ही रखी जाती है।लेकिन कोरबा जिले की बात करें तो माध्यमिक स्तर की बदहाल शिक्षा की व्यवस्था नहीं बदल रही है.इस वजह से नौनिहालों की शिक्षा प्रभावित हो रही है.आपको बता दे कि यह स्कूल पिछले तीन सालों से पुरी तरह जर्जर है। सोचने वाली बात यह है की जो बच्चों के पढ़ने के लिए भवन तो है लेकिन पुरा जर्जर है. कि एक ही कमरे में जो पुरी तरह से जर्जर है,उसी कमरे में छठवी व सातवीं के छोटे छोटे बच्चे भी बैठ कर पढ़ रहे है। इन बच्चों को एक साथ ही शिक्षक – शिक्षिका ज्ञान बांट रहे हैं। अब ऐसे में शिक्षा स्तर का क्या होगा। और बच्चों ने क्या पढ़ाई कर रही होगी आप सभी इसका अंदाजा खुद से लगा सकते है।आपको बता दे कि शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुड़ापार को लेकर वहां के शिक्षकों के द्वारा कई बार शिक्षा विभाग में आवेदन दिया जा चुका है,लेकिन इस आवेदन को कही कोने पर डालकर अपने फार्मेल्टी निभाने में लगे अधिकारियोंं के वजह से आज तक यहाँ शासन – प्रशासन का नजर नही पहुंच पाया। जिसके वजह से घटना होते होते बच गया। अगर कोई प्रकार का घटना होता है तो इसका जिम्मेदारी किसका होगा। बच्चे मजबूर है अगर स्कूल गिरने के डर से वे पढ़ने नही आते है तो उनका भविष्य खराब हो जाएगा। बच्चें पुरी तरह से परेशान है।

लेकिन आखिर शिक्षा विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी इस स्कूल में अभी तक आखिर दिया गया आवेदन गया कहाँ।
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुड़ापार का स्कूल भवन के छत छोटे छोटे परत में छत गिर रहा है,कोरबा जिले में कई स्कूल ऐसे हैं, जिनके भवन काफी जर्जर हो चुके हैं. इन में पढ़ाई करवाना खतरा मोल लेने जैसा हो गया है। छत व प्लास्टर टूट कर बच्चें जहाँ बैठते है।वही पर गिर रहे हैं.इसलिए बच्चों को एक ही क्लास में बैठा कर पढ़ाई कराई जाती है. लेकिन बरसात आने के कारण कभी – कभी मजबूर होकर बच्चों का छुट्टी कर दिया जाता है।जिसमें बच्चों के भविष्य में बाधा डाल रही है। और बारिश में स्कूल की छत बारिश के पानी रिसने के कारण गिर रहा है जो बच्चों के लिए खतरा है.
भवन नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आपको बता दे,कि शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुड़ापार का स्कूल में कुल 80 – 90 छात्र – छात्राओं पढ़ रहे है। लेकिन बदहाल शिक्षा व्यवस्था का जिम्मेदार आखिर है कौन ? इसलिए स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का समस्या ये है कि बच्चों की पढ़ाई कहां बैठाकर करवाई जाए। ऐसे में बदहाल शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा ।





























