कोरबा। शहर में इन दिनों पानी पाउच की बिक्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाजार में बिक रहे कुछ पानी पाउच पर न तो निर्माण/पैकिंग की तारीख स्पष्ट दिखाई दे रही है, न कंपनी या प्लांट का पूरा पता और न ही संपर्क के लिए मोबाइल नंबर। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह पानी तैयार कहां हो रहा है और किसकी निगरानी में बाजार तक पहुंच रहा है?
बताया जा रहा है कि “नेवा फ्रेश” नाम से पानी पाउच बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध है। लेकिन यदि पैकेजिंग पर जरूरी जानकारी ही स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, तो उपभोक्ता कैसे पता लगाए कि पानी कहां तैयार हुआ, किसने पैक किया और इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है?
सवाल सिर्फ पानी का नहीं, लोगों की सेहत का है
पानी सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। ऐसे में बिना पर्याप्त पहचान और जरूरी विवरण वाले पानी पाउच की बिक्री पर संबंधित विभागों की निगरानी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्या संबंधित विभाग ने ऐसे पानी पाउच के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया है?
क्या पानी की गुणवत्ता की जांच हुई है?
क्या प्लांट के पास वैध अनुमति और जरूरी दस्तावेज हैं?
और अगर नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
अधिकारी संज्ञान लें, बाजार में हो जांच
मामला सामने आने के बाद अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नगर निगम और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से मांग है कि बाजार में बिक रहे ऐसे पानी पाउच की जांच कराई जाए और इनके निर्माण स्थल का पता लगाकर मौके पर निरीक्षण किया जाए।
यदि सब कुछ नियमों के मुताबिक है तो विभाग जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करे। लेकिन अगर नियमों की अनदेखी कर पानी की पैकेजिंग और बिक्री की जा रही है, तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई होना जरूरी है।
क्योंकि सवाल किसी एक पानी पाउच का नहीं, बल्कि कोरबा शहर में लोगों को पिलाए जा रहे पानी की सुरक्षा और गुणवत्ता का है।
अब देखना यह है—जिम्मेदार विभाग इस खबर को संज्ञान में लेकर जांच की कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
SN इंडिया न्यूज | कोरबा






