कोरबा/पाली:- नशाबंदी की ओर कदम बढ़ाते हुए माखनपुर की सरपंच व पंचों ने गांव की महिलाओं को संगठित कर ग्राम में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया है। बीते दिनों ग्राम पंचायत भवन में बैठक आहूत कर इस दिशा में पहल की गई है और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि गांव में अब महुआ शराब बिक्री की गतिविधि बर्दास्त नही की जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति शराब पीते या बिक्री करते हुए पाया गया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा एवं कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी।
पाली विकासखण्ड के ग्राम पंचायत माखनपुर को नशामुक्त बनाने का यह बीड़ा सरपंच श्रीमती प्रेमलता पोर्ते व पंचों ने उठाया है। महिला सरपंच बनाम नारी शक्ति ने अपने पंचायत में पूर्ण शराबबंदी करने पंचों और गांव की महिलाओं व प्रमुख लोगों को साथ लेकर यह मुहिम छेड़ी है। सरपंच प्रेमलता पोर्ते की मुताबित महिलाओं के लिए आज शराब एक अभिशाप से कम नही है। गांव में शराब के चलते ही आज कई घर टूट रहे है तो कई परिवार बिखर गए है, घरों में कलह की वजह भी शराब बन रहे है, बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है, अब यह बर्दास्त नही की जाएगी। पंचायती राज में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधि होने के साथ मेरी फर्ज है कि कम से कम अपनी पंचायत क्षेत्र में अपनी माताओं- बहनों के मान- सम्मान और घर- परिवार के लिए पहल की जाए। इसमें सभी पंचों और गांव की महिलाओं और प्रमुख लोगों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिसमें सभी ने एक स्वर में इस मुहिम से जुड़ने की बात कही और निर्णय लिया गया कि कोई भी व्यक्ति अगर गांव में अवैध महुआ शराब बनाते, बिक्री करते हुए पकड़ा गया तो उसे सीधे दंडित किया जाएगा, साथ ही कानून के हवाले कर दिया जाएगा। वहीं शराब पीने वालों पर भी दंडात्मक कार्रवाई होगी। इसके बाद उन्होंने गांव में जाकर पूर्ण शराबबंदी का नियम लागू कर दिया है। ग्रामीणों ने भी शराबबंदी का संकल्प लिया है और कहा है कि वे न तो शराब पियेंगे और न ही गांव में शराब बिकने देंगे। गांव के युवाओं ने भी इस संकल्प में साथ दिया है। गांव के लोगों ने फैसला लिया है कि जो कोई भी इस बात को नही मानेगा, उसे जुर्माना लगाया जाएगा और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। वहीं अवैध शराब बेचने वालों ने भी अपनी दुकानें बंद कर दी है और पंचायत प्रतिनिधियों व महिलाओं का समर्थन किया है।
पंचायत के इस निर्णय की हो रही सराहना
माखनपुर की सरपंच व पंचों द्वारा मिलकर गांव की महिलाओं को संगठित करके नशाबंदी लागू की बात आसपास क्षेत्र में फैल चुकी है और लोग इस पहल की खूब सराहना कर रहे है। लोगों का कहना है कि हर पंचायत के सरपंच को यह अभियान चलाना चाहिए। इससे समाज मे एक अच्छा संदेश जाएगा और ज्यादा से ज्यादा वर्ग प्रेरित होगा। आसपास पंचायतों में भी पूर्ण शराबबंदी अभियान चलाए जाने को लेकर पंचायत प्रतिनिधि, मितानिन, सक्रिय महिलाएं, महिला समूह और किशोरी बालिकाएं भी सामने आ रही है। अगर अन्य पंचायतें भी इस मुहिम में जुड़ती गई तो कोरबा जिला ही नही पूरे प्रदेश में पाली ब्लाक मिशाल साबित हो सकता है


