कोरबा। जिले में स्क्रैप/कबाड़ के कारोबार को लेकर प्रशासन की सख्ती के बावजूद 5 सितंबर को मानिकपुर चौकी पुलिस ने एक कबाड़ की गाड़ी पकड़ी है। बताया जा रहा है कि गाड़ी में गत्ते की आड़ में स्क्रैप ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के बाद वाहन को जब्त कर पुलिस ने BNSS की धारा 106 एवं 151 के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू की है।
सवाल बड़ा—बंद है स्क्रैप का कारोबार या सिर्फ कागजों में?
जिले में स्क्रैप के कारोबार को लेकर लगातार कार्रवाई और सख्ती की बात सामने आती रही है। ऐसे में शहर के बीचों-बीच कथित तौर पर स्क्रैप से भरी गाड़ी का पकड़ा जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
अगर कारोबार पर वास्तव में रोक है, तो गत्ते की आड़ में स्क्रैप का परिवहन कैसे हो रहा था?
क्या कारोबार करने वालों को प्रशासन के आदेशों का डर नहीं है?
या फिर कार्रवाई के बावजूद चोरी-छिपे यह धंधा जारी है?
कप्तान साहब के आदेश के बावजूद धड़ल्ले से परिवहन?
पुलिस प्रशासन की सख्ती के बीच इस तरह की गाड़ी का पकड़ा जाना गंभीर विषय माना जा रहा है। यदि जिले में स्क्रैप कारोबार बंद रखने के निर्देश हैं, तो उसके बावजूद परिवहन की कोशिश सामने आना आदेशों के पालन पर सवाल खड़े करता है।
मानिकपुर चौकी की कार्रवाई के बाद अब निगाह इस बात पर है कि इस स्क्रैप का स्रोत क्या था, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं?
अब जांच से खुलेंगे कई राज!
एक गाड़ी पकड़े जाने के बाद मामला सिर्फ वाहन जब्ती तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जरूरत इस बात की भी है कि पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाए कि स्क्रैप कहां से आया, किसने लोड कराया और किसके इशारे पर गत्ते की आड़ में इसे ले जाया जा रहा था।
मानिकपुर चौकी की कार्रवाई ने एक बार फिर जिले में चल रहे कथित स्क्रैप कारोबार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने पर इस पूरे मामले में और क्या खुलासे होते हैं।
🚨 बड़ा सवाल:
कोरबा में स्क्रैप कारोबार सच में बंद है या फिर बंदी सिर्फ दिखावे तक सीमित है?


