कोरबा। जिले में कथित अवैध कबाड़ कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। दबे-छुपे तरीके से संचालित किए जा रहे इस कारोबार में अब दिन के बजाय रात के अंधेरे और सन्नाटे को परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों हुई एक बड़ी बैठक के बाद कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों के बीच गतिविधियां बढ़ने की तैयारी चल रही है। इसी बीच कथित तौर पर एक सिंडिकेट के सक्रिय होने की भी चर्चा सामने आई है। दिन के उजाले में कबाड़ की खरीद और भंडारण करने के बाद जमा माल को रात के समय दूसरे जिले की ओर भेजने की रणनीति अपनाए जाने का दावा किया जा रहा है।
गुरुवार देर रात सर्वमंगला मार्ग से सामने आए एक वीडियो ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। वीडियो में एक ट्रक तिरपाल से ढका हुआ नजर आ रहा है। एक जानकार सूत्र ने दावा किया कि ट्रक जो है भाड़े का है वो किसी अग्रवाल का है कबाड़ लोड कर उसे जिले की सीमा से बाहर ले जाया जा रहा था, जहां कथित तौर पर बड़े कबाड़ी के पास इसे खपाने की तैयारी थी।
हालांकि वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के अंदर वास्तव में क्या सामग्री थी, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है। ऐसे में वाहन को कबाड़ से जोड़कर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि रात के समय इसी तरह कबाड़ का परिवहन हो रहा है, तो यह जांच का गंभीर विषय जरूर बनता है।
रात का अंधेरा बना ढाल?
सूत्रों के मुताबिक, रात में सड़कों पर आवाजाही और जांच-पड़ताल अपेक्षाकृत कम होने का फायदा उठाकर कबाड़ परिवहन किए जाने की कथित कोशिश की जा रही है। सवाल यह भी है कि यदि किसी वाहन में नियम विरुद्ध सामग्री का परिवहन हो रहा हो तो रात में उसकी जांच कौन करेगा और जिम्मेदारी किसकी होगी?
एसपी की सख्ती के बीच नई जुगत की चर्चा
कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की सख्ती के चलते अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई का दबाव बना हुआ है। ऐसे में कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर पुलिस की नजरों से बचने के लिए नए रास्ते तलाशे जाने की चर्चा सामने आ रही है।
अब जरूरत इस बात की है कि कनकी–खिसोरा मार्ग पर देर रात आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की जांच, उनके दस्तावेजों और परिवहन की वैधता की पड़ताल की जाए। यदि वाहन में अवैध कबाड़ पाया जाता है तो कार्रवाई हो और यदि आरोप निराधार हैं तो स्थिति भी स्पष्ट हो।
वीडियो सामने आने के बाद बड़ा सवाल यही है—क्या रात के अंधेरे में कबाड़ परिवहन का कोई नया नेटवर्क सक्रिय हो रहा है, या फिर मामला कुछ और है? इसकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
SN इंडिया न्यूज



