कोरबा – 20 अगस्त 2026 छत्तीसगढ़ दिव्यांग शासकीय अधिकारी/कर्मचारी संघ जिला कोरबा ने सहायक शिक्षक से प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पद पर होने वाली पदोन्नति में दिव्यांग शिक्षकों को प्राथमिकता और नियमानुसार 3 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की मांग को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने निशक्त व्यक्ति समान अवसर अधिकारों का संरक्षण तथा पूर्ण भागीदारी अधिनियम 2016 का हवाला देते हुए इस संबंध में तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
संघ के जिला अध्यक्ष प्रकाश खाकसे के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कोरबा जिले के विभिन्न प्राथमिक शालाओं में कार्यरत कई दिव्यांग सहायक शिक्षकों द्वारा अपनी दिव्यांगता दर्ज कराने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण-पत्र सहित पूर्व में आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। इसके बावजूद आज दिनांक तक अनेक शिक्षकों की दिव्यांगता उनकी सेवा पुस्तिका में अंकित नहीं की गई है, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं और पदोन्नति के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
संघ ने बताया कि वर्तमान में सहायक शिक्षक से प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही काउंसलिंग की तिथि निर्धारित होने वाली है। ऐसी स्थिति में यदि सेवा पुस्तिका में दिव्यांगता अंकित न होने के कारण दिव्यांग शिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया या उन्हें पीछे रखा गया तो यह दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का सीधा उल्लंघन होगा और दिव्यांग शिक्षकों के साथ अन्याय होगा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से दो मांगें रखी गई हैं। पहली यह कि जिन दिव्यांग शिक्षकों के पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण-पत्र उपलब्ध है, उनके प्रमाण-पत्र को मान्य करते हुए, चाहे सेवा पुस्तिका में दिव्यांगता अंकित हो या न हो, उन्हें काउंसलिंग में प्रथम क्रम में प्राथमिकता प्रदान कर पदस्थापना का अवसर दिया जाए। दूसरी मांग यह है कि शासन के प्रचलित निर्देशों और निशक्तजन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप पदोन्नति में दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित 3 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का विधिवत और पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वरिष्ठता सूची में दिव्यांग कॉलम को अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए।
संघ ने ज्ञापन में चार दिव्यांग शिक्षकों का उल्लेख भी किया है जिनकी दिव्यांगता को प्राथमिकता से दर्ज करने की आवश्यकता है। इनमें गरिमा चौहान सरल क्रमांक-148, हेम कुमार भौम सरल क्रमांक-748, रजनी सिंह तंवर सरल क्रमांक-88 और दुखमत बिझंवार सरल क्रमांक-1114 शामिल हैं।
संघ के जिला अध्यक्ष प्रकाश खाकसे ने कहा कि दिव्यांग शिक्षक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। शासन को उनके अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। यदि पदोन्नति में उन्हें प्राथमिकता और आरक्षण नहीं मिला तो वे अपने हक के लिए उच्च स्तर पर आवाज उठाने को बाध्य होंगे।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि संचालक लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर, कलेक्टर जिला कोरबा और संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है। संघ ने उम्मीद जताई है कि जिला शिक्षा अधिकारी इस संवेदनशील विषय पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करते हुए दिव्यांग शिक्षकों को न्याय दिलाएंगे।






























