कोरबा/पाली:- पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पोड़ी में जुआरियों का संगठित गिरोह पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पोड़ी निवासी एक शातिर जुआरी युवक द्वारा स्थानीय और आसपास के जंगलों में लंबे समय से जुआ का एक बड़ा फड़ संचालित किया जा रहा है। जिसमे पोड़ी सहित पाली, रतनपुर, दीपका तक के जुआरी रोजाना दांव लगाने पहुँचते है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबित जुआ फड़ का समय दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक तय है। जुआ संचालक इतना शातिर है कि रोजाना जगह बदल- बदलकर जंगल मे फड़ लगाता है। बड़ी बात यह है कि जुआ स्थल के एक से दो किलोमीटर के दायरे में संचालक द्वारा अपने आदमी तैनात कर दिया जाता है। उन “संतरी” का काम होता है पुलिस की गाड़ी, वर्दीधारी या संदिग्ध गतिविधि देखते ही मोबाइल से तुरंत सूचना देना, ताकि पुलिस के पहुँचने से पहले ही पूरा फड़ समेटकर जुआरी नौ दो ग्यारह हो सकें। यही वजह है कि पुलिस के अनेकों छापेमारी के बाद भी मुख्य संचालक और जुआरी कानून के गिरफ्त से बचते हुए हर बार पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो रहे है। स्थानीय ग्रामीणों ने नाम न उजागर की शर्त पर बताया कि इस फड़ में हर दिन लाखों का दांव लगता है और जुआ का संचालनकर्ता इस दांव के पीछे नाल में ही रोजाना मोटी कमाई कर लेता है। हार- जीत के चक्कर मे कई परिवार बर्बाद हो रहे है तो युवाओं में भी नशे के साथ यह लत बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस पकड़ से बाहर होने के कारण जुआरियों के हौसले बुलंद है। दिनदहाड़े पोड़ी एवं आसपास जंगल मे खुलेआम फड़ सज रहा है। जब जुआरी को पुलिस की हर मूवमेंट की खबर एक दो किमी. पहले ही लग जाती है, तो क्या पुलिस का सूचना तंत्र फेल हो चुका है या अंदर से कोई मुखबिरी कर रहा है? जब तक पुलिस संतरी सिस्टम को ध्वस्त नही करती, शातिर जुआरी यूं ही कानून को ठेंगा दिखाते रहेंगे। ग्रामीणों की पुलिस प्रशासन से मांग कि साइबर सेल और स्पेशल टीम गठित कर जुआ संचालक और क्षेत्र के आदतन जुआरियों की काल डिटेल, लोकेशन ट्रेस कर घेराबंदी की जाए। साथ ही फड़ में शामिल लोगों पर जुआ अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में ठोस कार्रवाई हो।



