CSPTCL में सरकारी संपत्ति की खुली लूट, TLM स्टोर जाने वाले 9.8 टन माल व 42 लोहे के ड्रमों पर चला गैस कटर ?
निजी फर्म से जुड़े दीपक सोंधिया की स्वेच्छाचारिता , अधिकारियों की जानकारी में है सब, जो करना है कर लो, जो छापना है छाप दो, दस्तावेजों के अवलोकन से पकड़ी जाएगी चोरी, जल्द होगी उच्च स्तरीय शिकायत, नपेंगे कई बड़े कबाड़ी ?
छत्तीसगढ़ / कोरबा
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड CSPTCL और विद्युत उत्पादन कंपनी CSPGCL के कोरबा वेस्ट स्थित 2×660 MW SCTPP प्रोजेक्ट के सरकारी संपत्ति के गबन और फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। लाइन शिफ्टिंग से निकले लगभग 42 नग भारी लोहे के केबल ड्रमों, डिस्मेंटल्ड टावर पार्ट्स और स्क्रैप कंडक्टर को बिना किसी ई-नीलामी व बिना वैध जीएसटी बिल के खुलेआम गैस कटर से काटकर कबाड़ियों को बेचा जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि यह पूरा अवैध खेल किसी छिपी जगह पर नहीं बल्कि दर्री थाना से महज कुछ ही दूरी पर बाजार के पास मुख्य मार्ग पर सरेआम चल रहा है। यहाँ दीपक सोंधिया द्वारा लोहे की भारी चकरियों को दिनदहाड़े गैस कटर से कटवाया जा रहा है। मौके पर जब मीडिया प्रतिनिधियों ने इस अवैध कटिंग को लेकर पूछताछ की तो दीपक सोंधिया ने बेखौफ अंदाज में धौंस जमाते हुए कहा—-“संबंधित विभागीय अधिकारियों की जानकारी में ही सब काम हो रहा है, जिसे जो करना है कर लो और जो छापना है छाप दो। बिना नीलामी और बिना जीएसटी बिल के सरकारी संपत्ति पर गैस कटर चलने के दौरान ऐसा बयान सीधे तौर पर जिम्मेदार अफसरों के मौन संरक्षण और संगठित मिलीभगत की पुष्टि करता है।
विभागीय पत्राचार और वर्क ऑर्डर के निष्पक्ष अवलोकन से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा l रायपुर मुख्यालय द्वारा जारी वर्क ऑर्डर क्र. 1767 के तहत मेसर्स यूनिवर्सल केबल्स लिमिटेड को लाइन शिफ्टिंग का कार्य दिया गया था। इसकी कंडिका-2 के अनुसार डिस्मेंटल सामग्री को सीधे टीएलएम कोरबा स्टोर में जमा कराना अनिवार्य था।पत्र क्र. 235 व वाहनों का विवरण सहायक अभियंता TLM Sub-Dn, कोरबा बसंत टोप्पो द्वारा दिनांक 24.08.2026 को जारी पत्र क्र. 235 में सामग्री को टीएलएम स्टोर भेजने हेतु गेट क्लीयरेंस मांगी गई थी।
इसी पत्र पर वाहन क्रमांक CG-12 BE-7667, CG-12 BD-6812व CG-12 S-3292 चालक जितेंद्र यादव दर्ज हैं। साथ ही हाथ से कुल वजन टावर पार्ट्स 4.8 MT और कंडक्टर 5.0 MT कुल 9.8 मीट्रिक टन दर्ज कर प्रोजेक्ट मैनेजर कार्यालय से सुरक्षा अधिकारी SO को गेट पास हेतु फॉरवर्ड किया गया।
सरकारी नियमानुसार किसी भी स्क्रैप का निस्तारण केवल अधिकृत ई-नीलामी से ही संभव है। जब कोई नीलामी ही नहीं हुई तो सरकारी संपत्ति पर गैस कटर चलना सीधे तौर पर चोरी और आपराधिक गबन है।
इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर अब शासन और विजिलेंस स्तर पर उच्च स्तरीय शिकायत दर्ज कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार यदि कोरबा वेस्ट प्लांट के धर्मकांटा पर्चियों, गेट पास और TLM स्टोर के स्टॉक का भौतिक अवलोकन व मिलान कराया जाए तो पूरी चोरी रंगे हाथों पकड़ी जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच की आंच पहुंचते ही चोरी का सरकारी लोहा खपाने वाले शहर और आसपास के कबाड़ियों की लंबी फेहरिस्त में से कई रसूखदार कबाड़ी नपेंगे।
मामले में मुख्य संदेही दीपक सोंधिया, मुख्य ठेका फर्म मेसर्स यूनिवर्सल केबल्स लिमिटेड, गेट क्लीयरेंस देने वाले संयंत्र सुरक्षा व प्रोजेक्ट अधिकारी, निगरानी के जिम्मेदार सहायक अभियंता बसंत टोप्पो और अवैध कबाड़ कारोबारियों पर BNS की धाराओं के तहत तत्काल नामजद प्राथमिकी FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के कयास लगाए जा रहे है।









