अंबिकापुर (सरगुजा)। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के महिला वार्ड में मरीज की शिकायत पर ध्यान दिलाने गए एक पत्रकार के साथ स्टाफ द्वारा कथित दुर्व्यवहार ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने पत्रकार से न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है कैसे शुरू हुआ विवाद?
घटना सोमवार को महिला वार्ड में हुई। एक मरीज को IV ड्रिप (बोतल) चढ़ाई जा रही थी, लेकिन उसमें दवा नहीं जा रही थी। मरीज की हालत बिगड़ती देख एक पत्रकार ने शालीनता से स्टाफ नर्स से कहा – “मैडम जी, जाकर देख लीजिए।” लेकिन इस पर स्टाफ नर्स और प्रभारी भड़क उठे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने पत्रकार से कहा – “हटो, अस्पताल हमारा है।” गार्ड ने भी कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पत्रकार को बाहर निकल जाने को कहा।प्रबंधन को दी गई सूचना, CCTV फुटेज की होगी जांच
घटना की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। बताया जा रहा है कि पूरी घटना अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों में कैद है। पत्रकार ने आरोप लगाया कि मरीज के साथ-साथ मीडिया प्रतिनिधियों के साथ भी यहां आए दिन दुर्व्यवहार किया जाता है।

📝 जिला संयुक्त संचालक को सौंपा गया आवेदन
पत्रकार ने घटना को लेकर जिला संयुक्त संचालक, अंबिकापुर को लिखित शिकायत दी है। आवेदन में अस्पताल के स्टाफ के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि यह आमजन और मीडिया दोनों के लिए अपमानजनक है। उन्होंने मांग की कि दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए सख्त निर्देश दिए जाएं।
🔍 विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मरीज की सेवा करना नर्सिंग स्टाफ का कर्तव्य है। यदि कोई मरीज की गंभीर स्थिति को लेकर जानकारी देता है तो उसे सहयोग मिलना चाहिए, न कि आक्रोश। इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
💬 अगला कदम क्या?
मामले की जांच शुरू हो गई है। CCTV फुटेज की पड़ताल के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। पत्रकार संगठनों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है और जल्द कार्रवाई की मांग की है





















