रिपोर्टर गौतम कुमार राज
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कोरबा/कटघोरा:- जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम पंचायत मोहनपुर सरपंच- सचिव के भ्रष्ट्र नीतियों ने सरकार की जीरो टॉलरेंस व प्रशासन की पारदर्शिता नीति को तार- तार कर दिया है और वे पंचायत को जारी सरकारी फंड को दीमक की तरह चट करते हुए गांव के विकास में ग्रहण लगाते आ रहे है। इस पंचायत में बड़े पैमाने पर विकास राशि के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए है, जिनमे से एक पंचायत के जरूरी आवश्यकताएं को पूरा करने मूलभूत मद में जारी राशि के 1.37 लाख को नियम विपरीत रायपुर पंच- सरपंच सम्मेलन व युवा मितान शिविर में जाने हेतु वाहन किराया और ग्राम में संकल्प यात्रा एवं सुशासन दिवस कार्यक्रम में टेंट व मिष्ठान का खर्च बताकर वारा- न्यारा किया गया तो दूसरे मामले पंचायत कार्यालय के लिए आलमारी, टेबल, कुर्सी खरीदी का खर्च 1 लाख 91 हजार 682 रुपए बताते हुए फर्जी बिल के सहारे 14वें वित्त से राशि आहरण कर आधे से अधिक राशि का बंदरबांट किया गया है। यहां वर्तमान सरपंच जागेश्वर सिंह के पत्नी सावित्री बाई के बीते पंचवर्षीय सरपंची कार्यकाल में शातिर सचिव रहीम अली के सांठगांठ से ग्राम पंचायत कार्यालय हेतु आलमारी, टेबल, कुर्सी खरीदी की रिचार्ज बाउचर तिथि 01/10/2020 को 10,650 की राशि मूलभूत मद से निकाली गई है। जिसके बाद पुनः फर्नीचर क्रय के नाम पर 14वें वित्त से रिचार्ज बाउचर तिथि- 20/10/2022 को 36,344 रुपए, रिचार्ज बाउचर तिथि- 04/11/2022 को 72,000 रुपए, रिचार्ज बाउचर तिथि- 14/11/2022 को 36,344 रुपए एवं रिचार्ज बाउचर तिथि- 06/12/2022 में 36,344 रुपए की राशि आहरित की गई है, जबकि पंचायत भवन के लिए जो फर्नीचर खरीदी की गई है उनमें दो नग राउंड चेयर, 3 नग स्टील का टेबल ब्रेंच, कुछ फाइवर की कुर्सियां, एक काउंटर टेबल एवं एक नग आलमारी आस्तित्व में है, जिसकी अनुमानित क्रय लागत 30 से 35 हजार होगी। इस खरीदी राशि को लेकर गांव के लोगों का कहना है कि लगता है पंचायत भवन के लिए फर्नीचर की खरीदी विदेश से की गई है, इसी के कारण भारी- भरकम राशि निकाली गई है। ग्रामीण कहते है कि पंचायत को लूटने में लगे सरपंच- सचिव को जनपद अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। जिसके कारण उन्हें शासन, प्रशासन और पंचायती राज कानून का तनिक भी भय नही है और वे गांव की जनता के आंखों में धूल झोंकने व शासन को चूना लगाने का काम बेखौफ होकर करते आ रहे है। ग्रामीण बताते है कि ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्ट्राचार को लेकर जनपद सीईओ तक शिकायत पहुँचाई गई थी लेकिन न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही घोटालेबाजों पर लगाम कसी गई। बता दें कि पंचायत में भ्रष्ट्राचार मामले का मास्टर माइंड शातिर सचिव रहीम अली है, जो इसके पूर्व पोड़ी उपरोड़ा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत रिंगनिया में पदस्थ रहे और इस पंचायत को भी जमकर लुटा। अपने भ्रष्ट्र आचरण से बाज नही आने वाले सचिव अब मोहनपुर पंचायत को गर्त की ओर ले जाने में लगा हुआ है। बहरहाल मोहनपुर में हुए और भी अन्य भ्रष्ट्र कारनामों को आगे खबर दर खबर प्रसारित किया जाएगा।
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