कोरबा रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा फिर से कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि, इस बार केवल गिनती के लोगों को नोटिस दिए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। दुरपा रोड स्थित सर्वमंगला पुल के नीचे रेलवे की जमीन पर बड़ी संख्या में लोग काबिज हैं, लेकिन हाल ही में रेलवे प्रबंधन ने पूर्व की नोटिसों पर अमल न कर पाने के बाद, इस क्षेत्र में सिर्फ सात लोगों को कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी किया है।
जिन लोगों को नोटिस थमाई गई है, उनमें इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब पूरे क्षेत्र में और भी कई लोगों ने अवैध निर्माण कर रखा है, तो नोटिस केवल उन्हें ही क्यों दी गई है? लोगों का मानना है कि विभाग की ओर से यह कार्रवाई केवल ‘खानापूर्ति’ है। उन्होंने मांग की है कि यदि कार्रवाई करनी है, तो सभी अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ समान रूप से की जाए। कुछ लोगों ने तो यहां तक आरोप लगाया है कि यह नोटिस ‘ओहदा देखकर’ थमाई गई है।
यह नोटिस दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (रेलपथ) द्वारा 25 अक्टूबर को जारी की गई है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अवैध कब्जा पत्र प्राप्ति के 7 दिन के भीतर हटा लिया जाए। ऐसा न करने पर, रेल प्रशासन द्वारा बलपूर्वक कब्जा हटाया जाएगा और कब्जाधारियों के खिलाफ विभागीय कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के एक अधिकारी ने बताया कि चांपा से गेवरारोड के बीच दो अतिरिक्त रेल लाइनें बिछाई जानी हैं। इसकी मंजूरी एक साल पहले मिल चुकी है और कुछ जगहों पर काम भी चल रहा है। वर्तमान में यहां दो लाइनें हैं। तीसरी व चौथी लाइन बिछाने के लिए रेलवे को जमीन की आवश्यकता होगी। इसी कारण अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध कब्जा कर रखे लोगों को रेलवे की ओर से नोटिस दी जा रही है।




