कोरबा। छत्तीसगढ़ के जंगलों को खोखला करने वाले वन माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए वन विभाग ने एक बार फिर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि तस्करी के बड़े खेल का भंडाफोड़ हो गया! मुखबिर की सटीक सूचना पर वन विभाग की टीम ने बरपाली क्षेत्र में बिजली की फुर्ती से छापेमारी करते हुए अवैध लकड़ी से लदी एक गाड़ी को रंगे हाथों दबोच लिया है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद लकड़ी तस्करों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है!
आधी रात का वो खौफनाक मंजर: ऐसे दबोची गई गाड़ी
खबर है कि वन विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि बरपाली क्षेत्र के रास्ते कीमती लकड़ियों की तस्करी की जा रही है। वन विभाग की जांबाज टीम ने बिना वक्त गंवाए जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध गाड़ी (गाड़ी CG 12 BQ 6377)वहां से गुजरी, टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए! गाड़ी के भीतर भारी मात्रा में अवैध सेमर की लकड़ियां भरी हुई थीं, जिन्हें बिना किसी वैध दस्तावेज के खपाने की तैयारी थी।

नामजद खुलासा इनके नाम आते ही मच गया हड़कंप!
इस पूरे काले कारनामे में जो नाम सामने आए हैं, उन्होंने महकमे को भी चौंका दिया है। शुरुआती जांच और सूत्रों के मुताबिक
गाड़ी का मालिक यह गाड़ी किसी संजय साहू की बताई जा रही है, जिसका इस्तेमाल इस अवैध खेल में धड़ल्ले से किया जा रहा था।
लकड़ी का सौदागर गाड़ी में लदी इस कीमती सेमर लकड़ी का असली मालिक कोई महेंद्र कुमार बताया जा रहा है, जो वन संपदा की इस अवैध तस्करी के पीछे का मुख्य मोहरा है।
वन विभाग का कड़ा संदेश: बख्शा नहीं जाएगा कोई भी माफिया
यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है; वन विभाग की टीम इन दिनों बैक-टू-बैक ऐक्शन मोड में है। बैकफुट पर आ चुके तस्करों को संभलने का मौका दिए बिना विभाग लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाइयां कर रहा है।
> विभाग की सख्त चेतावनी जंगलों की अवैध कटाई और तस्करी करने वाले चाहे जितने भी रसूखदार क्यों न हों, वन विभाग की पैनी नजरों से बच नहीं पाएंगे। गाड़ी और लकड़ी को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे के बाद अब देखना यह है कि इस सिंडिकेट से जुड़े और कौन-कौन से बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं!






