*कोरबा (छत्तीसगढ़):*
जिले के हरदीबाजार क्षेत्र से शासकीय राशन (PDS चावल) की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले चावल का हकदार भले ही आम गरीब नागरिक हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राशन कार्डधारी इसे सीधा ले जाकर निजी दुकानों में बेच रहे हैं।
इस अवैध खरीद-फरोख्त का *लाइव वीडियो* सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।
### *मीडिया की पहल से हरकत में आया प्रशासन*
> *”जब हमारी मीडिया टीम ने इस काले कारोबार का पर्दाफाश करते हुए पाली SDM को पूरे मामले से अवगत कराया, तो प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया।”*
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* *साक्ष्य मंगवाए गए:* मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM महोदय ने शासकीय खाद्यान्न की खरीद-फरोख्त और चावल से लदे वाहनों के फोटो व वीडियो साक्ष्य के रूप में मंगवाए।
* *तत्काल कार्रवाई के निर्देश:* वीडियो और सबूत देखते ही SDM पाली ने संवेदनशीलता दिखाते हुए *खाद्य निरीक्षक (पाली) श्री रवि राज* को तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच करने और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
### *बड़ा सवाल: आखिर कब थमेगी PDS चावल की कालाबाजारी?*
हरदीबाजार में जिस तरह खुलेआम गरीबों के खाद्यान्न की खरीद-फरोख्त हो रही है, उसने पूरी व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
1. आखिर किसकी शह पर चल रहा है यह अवैध कारोबार?
2. क्या प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद माफियाओं पर नकेल कस पाएगी?
*इस मामले में जब भारतीय खाद्य निगम के पूर्व सदस्य राजकुमार दुबे से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यह कोरबा का दुर्भाग्य है, कि जिले में
शासकीय खाद्यान्न की कालाबाजारी खुलेआम चौक चौराहा पर किया जा रहा है, और प्रशासन आंख मूंद कर बैठा हुआ है, जबकि राजपत्र में जारी हो चुका है कि शासकीय खाद्यान्न हस्तांतरणीय है, किसी प्रकार की खरीदी बिक्री खुले बाजार में नहीं की जा सकती है, उसके बावजूद जिले में कुछ लोग सिंडिकेट बनाकर शासकीय खाद्यान्न की अफरा – तफरी कर रहे हैं और यही खाद्यान्न रीसाइक्लिंग के माध्यम से मिलो तक पहुंच रहा है, और मीलों से पुनः नाम गोदाम तक पहुंच जा रहा है, राजकुमार दुबे ने भी एसडीएम पाली को इस पूरे मामले से अवगत कराया और कलेक्टर को भी इस कालाबाजारी से अवगत कराने की बात अपने बयान में कहा है,
*हमारा वादा:* इस मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट और जांच की निष्पक्ष रिपोर्टिंग हम आप तक लगातार पहुंचाते रहेंगे।




