रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा पिछड़ा वर्ग सदस्य एवं एमसीबी जिला प्रभारी दीपक जायसवाल ने संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ विपक्ष ने सनातन परंपराओं और करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था का भी अपमान किया है।
दीपक जायसवाल ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि संसद परिसर में जिस प्रकार का प्रदर्शन किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि हमारी सदियों पुरानी सनातन संस्कृति, पूज्य संतों, पुजारियों और करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य था। उन्होंने कहा कि भारत की महान सांस्कृतिक विरासत का इस प्रकार उपहास करना कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की मानसिकता को उजागर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति करने में असफल विपक्ष अब धार्मिक प्रतीकों और आस्थाओं को भी राजनीतिक हथियार बनाने का प्रयास कर रहा है। यह भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों, दोनों के विपरीत है।
दीपक जायसवाल ने कहा कि सनातन परंपराओं का अपमान अब विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बन चुका है, लेकिन देश की जनता सब कुछ देख रही है और ऐसे आचरण का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा, देश की सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विपक्ष से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए देश की आस्था और संस्कृति का सम्मान करने की अपील की।



