खाकी पर ‘वसूली’ का दाग:- कटनी में हड़कंप: 30 हज़ार की हफ्ता वसूली से शुरू हुआ खेल अब 75 लाख की ‘डील’ तक पहुँचा; 3 थानों का प्रभार छीना, ड्राईवर सस्पेंड!
कटनी!
एमपी पुलिस की खाकी एक बार फिर दागदार हुई है! इस बार कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया पर अवैध वसूली और रिश्वतखोरी के इतने गंभीर आरोप लगे हैं कि पूरा पुलिस महकमा सन्न रह गया है। मामला केवल गाड़ियों की चेकिंग के नाम पर ‘हफ्ता वसूली’ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हत्या के एक केस में 75 लाख रुपये की ‘डील’ कराने तक पहुँच गया है। शिकायत सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव के दरबार तक पहुँच चुकी है, जिसके बाद मैडम का करियर अब तगड़े सवालों के घेरे में आ गया है।
1. ट्रांसपोर्टर से वसूली: 30 हज़ार की माँग, 25 देकर बची गाड़ियाँ/-
पूरा मामला तब गरमाया जब कटनी के ट्रांसपोर्ट कारोबारी महेंद्र जैन ने पुलिस की कारगुज़ारी का पर्दाफाश कर दिया।
क्या था मामला? –
21 जुलाई की रात रेत और डोलोमाइट से भरी गाड़ियों को चेकिंग के नाम पर रोका गया।
सीधा आरोप: –
CSP नेहा पच्चीसिया पर आरोप है कि उन्होंने गाड़ियाँ छोड़ने के एवज में 30,000 रुपये की माँग की।
मौके पर सैटलमेंट: –
ट्रांसपोर्टर ने मौके पर 25,000 रुपये थमाए और अगले ही दिन SP अभिनय विश्वकर्मा की चौखट पर पहुँचकर शिकायत ठोक दी।
2. हत्या के केस में ‘मास्टरमाइंड’ खेल: 75 लाख की माँग और ज़मीन बेचने का दबाव!
30 हज़ार का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि सीएसपी साहिबा पर 75 लाख रुपये माँगने का महा-आरोप लग गया!
क्या है 75 लाख की डील का सच?-
हत्या के एक मामले में बंद आरोपी आकाश लोधी और उसके परिवार का आरोप है कि CSP नेहा पच्चीसिया और कुठला थाना प्रभारी ने उन पर ज़मीन बेचने और 75 लाख रुपये देकर मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया। जब परिवार ने ज़मीन बेचने से इंकार किया और CM हेल्पलाइन में गुहार लगाई, तो उल्टे आरोपी के पिता और दामाद को भी उठाकर सलाखों के पीछे ठूंस दिया गया!
एक्शन में पुलिस महकमा: छीना प्रभार, सस्पेंड हुआ चालक:-
मामला मुख्यमंत्री तक पहुँचते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कटनी SP अभिनय विश्वकर्मा ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए CSP के चालक आरक्षक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
पावर सीज़: –
CSP नेहा पच्चीसिया से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर—इन तीन प्रमुख थानों का प्रभार छीनकर अजाक DSP शिवा पाठक को सौंप दिया गया है।
IG का बड़ा एक्शन: जबलपुर ASP को सौंपी गई जाँच
मामले की गंभीरता को देखते हुए IG ने कड़ा रुख अपनाया है। दोनों हाई-प्रोफाइल मामलों (30 हज़ार की वसूली और 75 लाख की डील) की जाँच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अनु बेनीवाल को सौंप दी गई है।
अब देखना यह होगा कि जाँच की आंच में कौन-कौन से बड़े चेहरे झुलसते हैं और खाकी पर लगे इस बड़े दाग पर सीएम मोहन यादव का ‘बुलडोजर’ वाला इंसाफ कैसे कड़क कार्रवाई करता है!







