छत्तीसगढ़ / कोरबा
जिला प्रशासन में प्रशासनिक कसावट लाने और जनहित की योजनाओं को धरातल पर समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के निरीक्षण के दौरान विकास एवं निर्माण कार्यों में पाई गई घोर लापरवाही और अत्यधिक विलंब पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार एवं विभागीय अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास शिक्षा और जन-कल्याण से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता या हीला-हवाली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो वर्षों से अधर में कार्य, जनहित से खिलवाड़ मंजूर नहीं,कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत l
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की अत्यंत धीमी प्रगति देखकर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा विभाग की ओर से जब कोई भी भुगतान लंबित नहीं है, तो फिर निर्माण कार्य में यह अनाधिकृत विलंब क्यों? यदि कार्य निष्पादन की क्षमता नहीं है तो ठेका नहीं लेना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक स्वीकृति के दो वर्ष और कार्य आदेश जारी होने के एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा है। ठेकेदार की इस मनमानी और कार्य-संस्कृतिहीनता के कारण क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चे और ग्रामीण शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के त्वरित लाभ से वंचित हो रहे हैं। आंगनवाड़ी और प्रशिक्षण केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण भवनों के समय पर न बनने से बच्चों के पोषण प्रारंभिक शिक्षा और रचनात्मक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कलेक्टर ने कार्य की समीक्षा करते हुए ठेकेदार को मजदूरों की संख्या तुरंत बढ़ाकर कम से कम 40 श्रमिक नियोजित करने तथा 5 अक्टूबर तक हर हाल में निर्माण पूर्ण करने की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की है।
SDO एवं उप-अभियंता को कारण बताओ नोटिस
निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता और संरचनात्मक कमियों का स्वयं सूक्ष्म निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने विभागीय निगरानी तंत्र की विफलता पर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी SDO और उप-अभियंता के विरुद्ध तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने रेखांकित किया कि मैदानी स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करना तकनीकी अधिकारियों का प्राथमिक दायित्व है। इसमें किसी भी प्रकार की चूक विभागीय अनुपालन और मॉनिटरिंग की गंभीर कमी को दर्शाती है।
प्रशासनिक प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील व महत्वपूर्ण निर्माण स्थलों का सघन मुआयना किया,पोड़ी उपरोड़ा निर्माणाधीन चिकित्सक आवास गृह का जायजा लेते हुए उन्होंने निर्माण कार्य में गति लाने और इसे यथाशीघ्र स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो सकें।
प्रशिक्षण केंद्र भवन कोनकोना निर्माणाधीन ट्रेनिंग सेंटर के अवलोकन के दौरान स्वीकृत मानक एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्रियों के प्रयोग के साथ तय सीमा में कार्य पूर्ण करने की ताकीद की।
शासकीय उचित मूल्य की दुकान तानाखार PDS दुकान के शेष बचे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए जिससे ग्रामीणों को खाद्यान्न वितरण में सुगमता हो।
आंगनवाड़ी केंद्र ग्राम मांछीपारा, तानाखार आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की उपस्थिति पंजी ग्रोथ चार्ट, पोषण स्तर एवं रेडी-टू-ईट सामग्री के वितरण की गहन समीक्षा की। उन्होंने बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक सामग्री और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली और सख्त प्रशासनिक संदेश
कलेक्टर कुणाल दुदावत की इस त्वरित एवं कठोर कार्रवाई से जिले के निर्माण विभागों और निजी कार्यदायी एजेंसियों में हड़कंप व्याप्त है। कलेक्टर की इस पहल से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जिला प्रशासन केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहकर धरातल पर कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णत संकल्पित है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनहित के कार्यों में व्यवधान डालने वाली और समय-सीमा का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों को अविलंब ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।


