जांजगीर-चांपा। जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड साइबर अपराधियों के सुनियोजित षड्यंत्र का शिकार हो गई। शातिर ठगों ने कंपनी और उसके सप्लायर के बीच होने वाले नियमित ईमेल संवाद का फायदा उठाते हुए करीब 25 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दे दिया।
अपराधियों ने सप्लायर की मूल ईमेल आईडी से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर कंपनी को बैंक खाता बदलने की सूचना भेजी। कंपनी के कर्मचारियों ने ईमेल को वास्तविक मानते हुए भुगतान नए खाते में कर दिया, जिसके बाद यह रकम साइबर ठगों के नियंत्रण वाले बैंक खाते में पहुंच गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब वास्तविक सप्लायर ने भुगतान नहीं मिलने की जानकारी कंपनी को दी। इसके बाद ईमेल की जांच करने पर पता चला कि जिस ईमेल के आधार पर बैंक खाता बदला गया था, वह फर्जी था। घटना की जानकारी मिलते ही कंपनी प्रबंधन ने साइबर सेल और स्थानीय पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में ईमेल स्पूफिंग की आशंका सामने आई है। जांच में पता चला कि अपराधियों ने कंपनी के नियमित पत्राचार में इस्तेमाल होने वाली मूल ईमेल आईडी से बेहद मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाई थी। उसमें केवल एक अक्षर या अंक का बदलाव किया गया था, जिसे कंपनी के कर्मचारी पहचान नहीं सके और उसे वास्तविक ईमेल समझ बैठे।
हालांकि कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि मामला केवल ईमेल स्पूफिंग तक सीमित नहीं हो सकता। कंपनी के अधिकारी उदय सिंह के अनुसार, अपराधियों को भुगतान की तिथि, राशि और सप्लायर से जुड़े लेन-देन की सटीक जानकारी थी। ऐसे में आशंका है कि सप्लायर या संबंधित पक्ष के ईमेल अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई हो, जिससे संवेदनशील जानकारी अपराधियों के हाथ लगी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिस बैंक खाते में रकम भेजी गई थी, उसे तत्काल फ्रीज कराया। पुलिस के अनुसार खाते में मौजूद करीब 23 लाख रुपये होल्ड करा दिए गए हैं। वहीं शेष करीब 2 लाख रुपये के बारे में आशंका है कि उन्हें एटीएम के माध्यम से निकाल लिया गया या अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है। टीम बैंक खातों के लेन-देन, ईमेल सर्वर, आईपी एड्रेस, तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
क्या है ईमेल स्पूफिंग?
ईमेल स्पूफिंग साइबर ठगी का ऐसा तरीका है, जिसमें अपराधी किसी परिचित व्यक्ति, कंपनी या बैंक की आधिकारिक ईमेल आईडी जैसी दिखने वाली फर्जी ईमेल बनाकर संदेश भेजते हैं। सामान्य तौर पर ईमेल आईडी में केवल एक अक्षर, अंक या डोमेन का मामूली बदलाव होता है, जिसे पहचानना आसान नहीं होता। इसी का फायदा उठाकर अपराधी बैंक खाते बदलने, भुगतान कराने या गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
सावधानी ही बचाव 👇
👉 बैंक खाता बदलने संबंधी किसी भी ईमेल की फोन पर पुष्टि अवश्य करें।
👉 ईमेल आईडी के प्रत्येक अक्षर और डोमेन को ध्यान से जांचें।
👉 केवल ईमेल के आधार पर भुगतान प्रक्रिया में बदलाव न करें।
👉 किसी भी संदिग्ध ईमेल की सूचना तुरंत साइबर सेल और संबंधित बैंक को दें।



