रायपुर। 21वीं सदी के आधुनिक समाज की विकृत सोच का शर्मनाक उदाहरण रायपुर में देखने को मिला, जहां न्यूड पार्टी के आयोजन की खबर से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। राजधानी में होने वाली इस तथाकथित “न्यूड पार्टी” के पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयोजक को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं महिला आयोग ने भी इस पर गंभीर संज्ञान लेते हुए 48 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पोस्टर वायरल, एंट्री फीस 40 हजार रुपये
जानकारी के अनुसार, इस पार्टी में प्रवेश शुल्क 40 हजार रुपये तय किया गया था। पोस्टर में दावा किया गया था कि यह आयोजन 21 सितंबर की शाम 4 बजे से देर रात तक चलने वाला है, जिसमें रातभर रुकने की भी सुविधा थी। पोस्टर सामने आते ही विरोध तेज हो गया और प्रशासन हरकत में आ गया।
पुलिस की कार्रवाई
रायपुर पुलिस ने मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें हाइपर क्लब के मैनेजर जेम्स बैक, संतोष जेवानी, अजय महापात्रा, एस. एस. गुप्ता, टीनू सिंह और देवेंद्र शामिल हैं। पुलिस को शक है कि यह सभी किसी अज्ञात आयोजन समूह से जुड़े हैं। फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
राजनीतिक घमासान भी शुरू
मामले पर कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों को मौजूदा सरकार संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार कमजोर पड़ती है, तो ऐसे भटके हुए आयोजन समाज को दूषित करने लगते हैं। वहीं, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और सख्त कार्रवाई होगी।
महिला आयोग का सख्त रुख
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने रायपुर एसपी से 48 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और ऑनलाइन पोस्टर फैलाने वालों की पहचान और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने साफ किया है कि समाज विरोधी ऐसे आयोजनों पर रोजाना रिपोर्टिंग की जाएगी।
समाज के लिए चेतावनी
आलोचकों का कहना है कि आदिकाल में जब इंसान बिना वस्त्रों के जंगलों में विचरण करता था, तब भी वह धीरे-धीरे सभ्य और संस्कारी समाज की ओर बढ़ा। लेकिन आज शिक्षा और आधुनिकता के बावजूद युवा पीढ़ी न्यूड पार्टियों के जरिए फिर से उसी अंधकार युग की ओर लौटने की कोशिश कर रही है। यह न केवल सामाजिक विकृति है बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी गंभीर खतरे की घंटी है।


