छत्तीसगढ़ / कोरबा
जिले में एक ओर जनकल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं धरातल पर जिम्मेदार कारिंदों की मनमानी और संवेदनहीनता खुलकर उजागर हो रही है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के हक पर डाका डालने वाले प्रभारी अभिषेक चौरसिया की कमीशनखोरी, लेमरू में एक मासूम को जंगल ले जाकर भालू के हमले का शिकार बनाने वाले वाहन क्रमांक CG12BP-1079 के मालिक व चालक की संदिग्ध करतूत और लेमरू कन्या छात्रावास से नदारद रहने वाली अधीक्षिका की लापरवाही से हुई छात्रा की मौत जैसे बेहद संवेदनशील मामलों पर बवाल मच गया है। इन मामलों को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर राजनैतिक संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष अलेक्जैंडर टोप्पो के नेतृत्व में कलेक्टर कोरबा को नामजद शिकायत का ज्ञापन सौंपकर तत्काल व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
नामजद आरोपों से गरमाया प्रशासनिक महकमा
जनमन आवास योजना में प्रभारी अभिषेक चौरसिया पर कमीशनखोरी का आरोप विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित जनमन योजना के अंतर्गत मिलने वाले आवास लाभों में आवास मित्र व प्रभारी अभिषेक चौरसिया द्वारा हितग्राहियों से बार-बार खुलेआम कमीशन की मांग की जा रही है। गरीबों के पक्के मकान के हक पर कमीशन का यह खेल सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
भालू हमला CG12BP-1079 वाहन मालिक व चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग
लेमरू क्षेत्र में भालू के हमले का शिकार हुए बालक को तत्काल आर्थिक सहायता राशि देने की मांग की गई है। आरोप है कि बालक को जानबूझकर जंगल की ओर ले जाने में वाहन क्रमांक CG12BP-1079 की भूमिका रही है। संगठन ने उक्त वाहन के मालिक एवं चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।
लापरवाह छात्रावास अधीक्षिका की गैर-मौजूदगी में छात्रा की मौत ?
लेमरू क्षेत्रांतर्गत संचालित कन्या छात्रावास में तबीयत बिगड़ने और स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने से एक छात्रा की असामयिक मृत्यु हो गई। ज्ञापन में सीधा आरोप लगाया गया है कि कर्तव्य के दौरान छात्रावास अधीक्षिका मौके से नदारद थीं। संगठन ने इस घोर लापरवाही के लिए अधीक्षिका के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने और मृतका के शोकाकुल परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत करने की मांग की है।
आखिर क्या कर रहे हैं जिम्मेदार?
इन तीनों गंभीर घटनाओं ने जनपद पंचायत वन मंडल और आदिवासी विकास विभाग की जवाबदेही पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं l
पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग क्या उच्चाधिकारियों को आदिवासियों के हक पर प्रभारी अभिषेक चौरसिया द्वारा की जा रही कमीशनखोरी की खबर नहीं है?
वन विभाग मानव-वन्यजीव द्वंद्व की बढ़ती घटनाओं के बीच जंगल की ओर वाहन ले जाने वालों पर निगरानी और पीड़ित बालक के परिवार तक त्वरित सहायता पहुंचाने में यह सुस्ती क्यों?
आदिवासी विकास विभाग दूरस्थ वनांचल के कन्या छात्रावासों में बच्चियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर अपनी ड्यूटी से गायब रहने वाली अधीक्षिकाओं पर अब तक नकेल क्यों नहीं कसी गई?
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने इन नामजद शिकायतों पर त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की तो संगठन लोकतांत्रिक ढंग से उग्र जनांदोलन का रास्ता अख्तियार करेगा। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा, वन मंडलाधिकारी कोरबा तथा आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कोरबा को भी आवश्यक जांच एवं कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के हक और मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना की इस दो-टूक चेतावनी ने जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय कर दी है। वक्त रहते निष्पक्ष जांच और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई ही प्रशासन की साख को बचा सकती है







