कोरबा। मॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में खरीदारी या अन्य काम से पहुंचने वाले लोगों से लिए जाने वाले पार्किंग शुल्क को लेकर अब कोरबा में भी बहस तेज हो गई है। रायपुर में उपभोक्ता आयोग के आदेश और उसके बाद राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा उसे बरकरार रखे जाने के बाद स्थानीय स्तर पर भी पार्किंग शुल्क की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अधिवक्ता नूतन ठाकुर का कहना है कि शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल और इसी तरह के व्यावसायिक परिसरों के नक्शे में पार्किंग के लिए स्थान निर्धारित किया जाता है। भवन निर्माण की अनुमति भी स्वीकृत नक्शे के आधार पर दी जाती है। ऐसे में सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल को संचालकों की आय का अतिरिक्त माध्यम बनाया जाना उचित नहीं है।
रायपुर के फैसले के बाद कोरबा पर भी नजर
रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने मॉल में दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर आदेश जारी करते हुए इसे बंद करने के निर्देश दिए थे। बाद में इस आदेश को राज्य उपभोक्ता आयोग ने भी सही माना।
इसी आदेश का हवाला देते हुए अब कोरबा में भी मॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पार्किंग शुल्क की व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अधिवक्ता नूतन ठाकुर के मुताबिक राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद जिले में भी इसका पालन होना चाहिए।
निगम प्रशासन के अगले कदम पर टिकी नजर
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कोरबा में भी मॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पार्किंग शुल्क की वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन कोई निर्णय लेगा? फिलहाल लोगों की नजर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर है।
अधिवक्ता नूतन ठाकुर ने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर इस विषय में उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो मामले को जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष ले जाने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं के हित में राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश के अनुरूप जिले में भी व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
अब देखना होगा कि कोरबा में पार्किंग शुल्क को लेकर निगम प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या मॉल संचालकों को पार्किंग व्यवस्था को लेकर नए निर्देश जारी किए जाते हैं।
SN इंडिया न्यूज | कोरबा





