ललितपुर में एंटी करप्शन टीम ने 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते एक लेखपाल को पकड़ लिया। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे टीम लेखपाल के किराए के मकान पर पहुंची। टीम को देखते ही लेखपाल अंदर भाग गया और दरवाजा बंद कर लिया। उसने रिश्वत में मिले नोटों को गैस-चूल्हे पर रखकर जला दिया। उनकी राख सिंक की नाली में बहा दी।
टीम ने तुरंत घर का दरवाजा तोड़कर लेखपाल को पकड़ लिया। इसके बाद उसके हाथ पानी से धुलवाए गए। हाथ धोने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया। टीम ने कमरे की तलाशी ली तो जले हुए नोटों के टुकड़े भी मिले।
एंटी करप्शन टीम आरोपी लेखपाल को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। मामला जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बार थाना क्षेत्र के टोरिया गांव का है।
टोरिया गांव का मनोज कुमार (35) किसान हैं। मनोज ने बताया- लेखपाल विपुल तिवारी ने जमीन पर कब्जा बरकरार रखने के नाम पर उनसे 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त के तौर पर 15 हजार रुपए देने को कहा गया था।
मनोज ने कहा कि मैं रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए मैंने झांसी की एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। लेखपाल ने मुझे रिश्वत की रकम लेने के लिए पहले तुवन चौराहे पर बुलाया, लेकिन वहां रुपए नहीं लिए। इसके बाद शारदा मंदिर के पास बुलाया, वहां भी रकम नहीं ली।
गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे लेखपाल ने मनोज को आजादपुरा की शारदा बिहार कॉलोनी में अपने किराए के मकान के बाहर बुलाया। वहां मनोज ने जैसे ही उसे 15 हजार रुपए दिए, एंटी करप्शन टीम मौके पर पहुंच गई।
ट्रैप टीम को देखते ही लेखपाल दौड़कर अपने किराए के मकान के अंदर चला गया और गेट बंद कर लिया। टीम ने काफी देर तक गेट खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लेखपाल ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद टीम ने गेट तोड़कर मकान के अंदर प्रवेश किया।
कमरे में कागज जलने के कारण धुआं भरा हुआ था। किचन के सिंक में जले हुए नोटों की राख पड़ी थी। टीम ने तलाशी के दौरान जले हुए नोटों के टुकड़े भी बरामद किए। इसके बाद टीम ने लेखपाल को पकड़ लिया। उसके हाथ केमिकल से धुलवाए। हाथ धुलने के बाद केमिकल का रंग गुलाबी हो गया। इसके बाद ट्रैप टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी लेखपाल विपुल तिवारी प्रतापगढ़ के आशपुर देवसरा थाना क्षेत्र के आमापुर पट्टी गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह ललितपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की डमडम कॉलोनी में अमन श्रीवास्तव के मकान में किराए पर रह रहा था।
शिकायतकर्ता मनोज के मुताबिक, 30 मई 2023 को तत्कालीन लेखपाल ने उसकी जमीन की पैमाइश कर हदबंदी की पुष्टि की थी। इसके बाद उसे प्लॉट पर कब्जा दिलाया गया। फील्ड बुक के अनुसार जमीन पर पत्थर भी लगवाए गए थे।
मनोज का आरोप है कि इसके बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल विपुल तिवारी ने दूसरे खातेदारों की ओर से धारा 30 (2) के तहत कार्रवाई के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र का हवाला देकर उससे रिश्वत मांगी।


