जांजगीर-चांपा। खाली मकान, अलग-अलग कार्टूनों में भरे पटाखे और कीमत 8 लाख 56 हजार रुपये! दीपावली से ठीक पहले ग्राम बैजलपुर स्थित महामाया क्रेशर के एक खाली मकान से सामने आए पटाखों के इस जखीरे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर रिहायशी इलाके के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे क्यों रखे गए थे? इनका भंडारण किस उद्देश्य से किया जा रहा था और क्या इनकी बिक्री के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी? फिलहाल इन सवालों के जवाब पुलिस की विवेचना में सामने आने बाकी हैं।
बलौदा पुलिस की कार्रवाई में करीब 176 किलोग्राम विभिन्न प्रकार के पटाखे बरामद हुए हैं। मामले में नैला के वार्ड क्रमांक 04 निवासी दीपक कुमार अग्रवाल (52) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पटाखों को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बैजलपुर स्थित महामाया क्रेशर के खाली मकान में पटाखों का अवैध भंडारण कर बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान अलग-अलग कार्टूनों में रखे विभिन्न प्रकार के पटाखे मिले। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 8 लाख 56 हजार रुपये आंकी गई है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल उस स्थान को लेकर है, जहां पटाखे रखे गए थे। महामाया क्रेशर के खाली मकान में इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किस परिस्थिति में किया गया? क्या यह स्थान केवल अस्थायी भंडारण के लिए इस्तेमाल हो रहा था या यहां से नियमित रूप से पटाखों की बिक्री भी की जा रही थी? पुलिस की ओर से अब तक सामने आई जानकारी में इन सवालों का स्पष्ट उत्तर नहीं मिला है।
यदि पटाखों का भंडारण रिहायशी क्षेत्र के भीतर किया जा रहा था, तो इससे आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल भी जुड़ता है। पटाखों के सुरक्षित भंडारण के लिए निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमति का पालन किया गया था या नहीं, इसकी स्थिति भी जांच के बाद स्पष्ट होगी।
दीपावली से पहले बड़ी मात्रा में पटाखे मिलने के मायने
दीपावली के दौरान पटाखों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में बड़ी मात्रा में पटाखों का एक स्थान पर मिलना स्वाभाविक रूप से उनके स्रोत, भंडारण और संभावित बिक्री की पड़ताल को महत्वपूर्ण बनाता है। हालांकि, इस मामले में पटाखे कहां से लाए गए थे, उनकी बिक्री किन लोगों को की जानी थी और भंडारण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध थे या नहीं, इन बिंदुओं पर अभी कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जांच से खुलेंगे जखीरे के पीछे के राज
फिलहाल पुलिस ने पटाखे जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है और मामले की विवेचना जारी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि पटाखों की खरीद कहां से हुई, उन्हें मकान में कब और किस उद्देश्य से रखा गया था तथा उनके भंडारण एवं बिक्री के लिए वैध अनुमति थी या नहीं। इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
कार्रवाई में बलौदा थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा, निरीक्षक सुशील पटेल, साइबर थाना के सहायक उपनिरीक्षक विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक गजाधर पाटनवर सहित बलौदा थाना स्टाफ का योगदान रहा।


