📍 सिविल लाइन थाना क्षेत्र | बिलासपुर
बिलासपुर में जमीन बिक्री के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, शासकीय पट्टे की भूमि को अपना बताकर बिक्री का सौदा करने और अलग-अलग माध्यमों से 45 लाख 21 हजार रुपये लेने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

🔴 क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, सरकंडा क्षेत्र की विजयापुरम कॉलोनी निवासी दीपक सोनी ने 24 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम धमनी में महर्षि स्कूल रोड, मंगला स्थित नीता डेयरी और गीतांजलि पार्क के पहले की करीब 20 एकड़ भूमि का सौदा सैय्यद शमशाद अली और उनकी पत्नी कमरूनिशा के नाम पर होने की बात कहकर किया गया था। इस सौदे में सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे के माध्यम से बातचीत हुई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन की बिक्री के लिए ऑनलाइन, RTGS और नकद माध्यम से अलग-अलग किस्तों में कुल 45,21,000 रुपये दिए गए। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री और सीमांकन नहीं कराया गया।
🔎 जांच में शासकीय पट्टे की भूमि होने की जानकारी मिलने का दावा
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने जब जमीन के दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराई, तो संबंधित भूमि शासकीय पट्टे की होने तथा उसके संबंध में राजस्व न्यायालय में प्रकरण लंबित होने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि इस जानकारी के बावजूद जमीन का सौदा कर रकम ली गई।
👮 इन दो आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
1. सैय्यद शमशाद अली (71 वर्ष), निवासी शीतला मंदिर के पास, तालापारा, बिलासपुर।
2. सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे (42 वर्ष), निवासी कड़ार, थाना चकरभाठा।
पुलिस ने अपराध क्रमांक 1472/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को 26 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
⚠️ सावधानी और जरूरी सवाल
जमीन खरीदने से पहले राजस्व रिकॉर्ड, स्वामित्व, पट्टे की शर्तों और न्यायालय में लंबित मामलों की जांच कराना बेहद जरूरी है। इस मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।


