कोरबा में युवक देवेश सिंह ने 10 अक्टूबर 2025 को अपने घर में लूट और ब्लेड से हमले की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके दो दिन बाद 12 अक्टूबर को उसने अपहरण और मारपीट का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू की, लेकिन अब यह खुलासा हुआ है कि दोनों शिकायतें झूठी थीं।
पुलिस अब युवक से पूछताछ कर रही है और झूठी शिकायत दर्ज कराने के आरोप में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जांच में यह भी सामने आया है कि देवेश ने खुद ब्लेड और चॉकलेट खरीदे थे। बताया जा रहा है मामला पैसों से जुड़ा है।

देवेश ने पुलिस को बताया कि जंगल ले जाकर पीटा गया
देवेश सिंह ने पुलिस को बताया था कि जब वह घर पर अकेला था, तब एक युवक ने उस पर ब्लेड से हमला कर सोने-चांदी के जेवर लूट लिए। इसके बाद, उसने शिकायत की कि उसे एक चार पहिया वाहन में उठाकर जंगल ले जाया गया और पीटा गया। इन शिकायतों के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं मिला। दोनों घटनाओं से संबंधित 25 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें पीड़ित के साथ ऐसी कोई घटना घटित होने की पुष्टि नहीं हुई।

खुद ब्लेड और चॉकलेट खरीदे थे
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अपहरण की कथित घटना से पहले देवेश सिंह ने एक किराना दुकान से ब्लेड और चॉकलेट खरीदे थे।
कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि युवक ने खुद ही ब्लेड खरीदा था और दोनों घटनाओं में खुद को चोट पहुंचाई थी ताकि उन्हें लूट और अपहरण का रूप दिया जा सके।
इस बीच, 12 अक्टूबर 2025 को जब देवेश सिंह अस्पताल में भर्ती था, तब भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी और भाजपा जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा उससे मिलने पहुंचे थे।


