जमीन के मालिक आरके सिंह ने बताया कि वह जमीन पिछले 50 वर्षों से उनके हस्तक्षेप में था और आज वह 82 वर्ष के हो चुके हैं जो यह कह रहे हैं कि उसे जगह को शासकीय भूमि बताया जा रहा है कह कर उन्होंने यह कहा कि उसे जगह पर सरकारी योजना के तहत कोई भी विकास कार्य कराया जाए जिससे वहां की स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिल सके अपनी ओर से उन्होंने अनुदान बताओ और₹500000 देने का आश्वासन दिया है उन्होंने बताया कि 50 वर्ष पूर्व कोरबा ग्राम पंचायत हुआ करता था उसे समय वहां वह खेती-बाड़ी का कार्य करते थे जिसे पूर्व में 2005 में
उसे सरकारी नोटिस आया जिस पर आरके सिंह ने कार्यालय में अपनी बात रखी जिस पर शासन ने उन्हें यह कहकर अपने बीते समय में नाली और सड़क के लिए अपनी भूमि शासन को दी है इस के
यवज में शासन ने उन्हें उसे जगह पर काबिज रहने को कहा यह कहकर आरके सिंह जी ने उसे जगह पर कोई भी जनहित का कार्य हो रहा हो तो मैं ₹500000 अनुदान में दंगा का कर क्षेत्र के लोगों को लाभ पहुंचाने की बात कही उसे जगह पर रह रहे लोगों ने बताया कि यहां बेजा कब्जा धड़ल्ले से चल रहा है जहां रहने वाले लोगों ने कहा कि इस जगह पर कोई भी सरकारी भवन या स्वास्थ्य केंद्र बना दिया जाए जिससे आसपास में रहने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सके और इस जगह पर हो रहा बेजा कब्जा पर रोक लगा सके यहां के रहने वाले लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस और निगम से भी की है और यह भी कहा है कि बेजा कब्जा करने वाले यही के आसपास के लोग हैं जिसमें आकाश प्रजापति का नाम शुमार है जहां बेजा कब्जा हो रहा है वह शासकीय भूमि है यह कहकर लोगों ने सरकारी योजना के तहत कुछ भी शासकीय भवन आंगनबाड़ी केंद्र खेल प्रांगण या गार्डन का निर्माण कर दिया जाए जिससे भेजो कब्जा धारी से बचा जा सकता है तो वही अटल आवास वासियों का कहना है कि
हम जहां रह रहे हैं यह अटल आवास बहुत जर्जर हो चुका है और कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है इसी के लिए हम यहां बेजा कब्जा कर रहे हैं और हमें इस जगह पर बेजा कब्जा करने दिया जाए हम शासन को कोई क्षति नहीं पहुंचा रहे हैं यह कहते हुए अटल आवास निवासियों ने वहां हो रहे बेजा कब्ज को अपने हक की बात कहते हुए
शासन से गुहार लगाई है कि हम कोई फैक्ट्री नहीं बना रहे हैं हमें केवल रहने के लिए घर चाहते हैं जहां अटल आवास में रह रहे लोगों ने कहा कि हमारे पास रहने के लिए घर नहीं है अटल आवास में जहां रह रहे हैं या अटल आवास किसी और के नाम से अलॉटमेंट है हम यहां किराए में रहते हैं तो हमें इस जगह पर घर बना कर रहने की अनुमति दे दी जाए यह कहकर अटल आवास के रह वासियों ने उसे जगह पर बेजा कब्जा करना स्वीकार किया तो वहीं क्षेत्र के पार्षद रविकांत चंदेल ने बताया कि पूर्व में उन्हें श्री आरके सिंह के द्वारा दो डिसमिल जमीन आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए दिया गया था जो आंगनबाड़ी केंद्र के लिए पर्याप्त नहीं होने की अवस्था में उसे एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को रहने के लिए दे दिया गया जिस पर पार्षद रविकांत चंदेल ने बताया कि जिस समय वह उसे क्षेत्र के पार्षद हुआ करते थे उसे समय आरके सिंह जी के द्वारा दिए गए जगह पर उन्हें आंगनबाड़ी बनाना था पर जगह की कमी के वजह से यह प्रस्ताव निरस्त हो गया और उसे जगह पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का आज निवास बन चुका है जिस पर उन्होंने यह भी कहा कि अटल आवास में रहने वाले लोगों को अटल आवास भवन की जर्जर स्थिति को भी देखा है जहां कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता यह कहते हुए पार्षद ने कहा कि वह जमीन आरके सिंह जी की हस्तक्षेप में था अब वह जमीन शासकीय है या अशासकीय या जांच का विषय है



