कोरबा जिले में अवैध धान भंडारण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अजीत बसंत ने सख्त निर्देश जारी किए, जिसके बाद मंडी सचिव नारायण पटेल, मंडी सब-इंस्पेक्टर आकाश भारद्वाज और सब-इंस्पेक्टर दिनेश कुमार की संयुक्त टीम ने मंडी क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल कड़ी निगरानी का संकेत है बल्कि यह भी दर्शाती है कि जिले में धान खरीद–विक्रय से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान टीम को कई व्यापारियों के दुकान-सह-गोदाम में बिना अनुमति के धान का अवैध भंडारण मिलता पाया। मंडी अधिनियम के तहत अवैध भंडारण एक गंभीर उल्लंघन है, और इसी आधार पर टीम ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए वहां रखे गए धान को जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के सुपुर्द किया। यह कदम प्रशासन द्वारा पारदर्शी मंडी प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।

जब्त धान का ब्यौरा इस प्रकार है—
- उमाशंकर डिक्सेना, ग्राम सुतर्रा – 19.20 क्विंटल / 48 बोरी
- रामकुमारी डिक्सेना, ग्राम डोडकी – 10 क्विंटल / 25 बोरी
- राजेन्द्र अग्रवाल, ग्राम चैतमा – 9.60 क्विंटल / 24 बोरी
- दिलहरन साहू, ग्राम पाली – 9.60 क्विंटल / 24 बोरी
- अमर प्रकाश जायसवाल, ग्राम मदान (पाली) – 14.40 क्विंटल / 36 बोरी
अभियान के दौरान टीम ने व्यापारियों को यह भी स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि मंडी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, छिपा भंडारण या अनियमित खरीद–फरोख्त पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह कदम जिले में धान व्यापार की पारदर्शिता के साथ-साथ किसानों को सही मूल्य दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
कलेक्टर अजीत बसंत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में मंडी व्यवस्था को मजबूत बनाने और बिचौलियों की अनियमितताओं पर लगाम कसने के लिए ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। जिला प्रशासन ने आम लोगों, किसानों और व्यापारियों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इस त्वरित, सख्त और प्रभावी कार्रवाई से यह साबित होता है कि कोरबा प्रशासन अवैध धान भंडारण के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाए हुए है और भावी दिनों में भी इसी तरह की कार्रवाइयाँ जारी रहें


