कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। जिले की जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर में 15वें वित्त आयोग की राशि में गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में दोषी पाए जाने पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने पंचायत सचिव मोहम्मद हसन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही सरपंच और पूर्व सरपंच से कुल 8 लाख 64 हजार 353 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत लालपुर में 15वें वित्त की राशि का निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी आहरण किया गया, जबकि मौके पर कोई कार्य नहीं कराया गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद सचिव मोहम्मद हसन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर जिला पंचायत सीईओ ने जांच के आदेश दिए।
आरईएस के कार्यपालन अभियंता ए.के. जोगी की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की। जांच में यह पाया गया कि सचिव मोहम्मद हसन, वर्तमान सरपंच धनेश्वर सिंह ओडेकेरा तथा पूर्व सरपंच संतोषी नेटी द्वारा मिलीभगत कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत सीईओ ने सचिव मोहम्मद हसन को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय निलंबन अवधि में जनपद पंचायत करतला निर्धारित किया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किए जाने के आदेश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई से जिले में भ्रष्टाचार में लिप्त पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
SN इंडिया न्यूज से जितेन्द्र दास कि रिपोर्ट


