कोरबा। 26 जनवरी की रात गोदाम से बड़े पैमाने पर विद्युत केबल तार की चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। घरेलू कबाड़ का दुकान संचालित करने की आड़ में बड़े पैमाने पर चोरी कराने और चोरी का सामान खरीदने और बाहर ले जाकर खपाने वाले कबाड़ी मदन अग्रवाल पर अंततःशिकंजा कसा है। पकड़े गए इस मामले और आज सुबह ही पूर्व में सील्ड कबाड़ गोदाम के बगल में अवैध धंधा की धरपकड़ और जप्त कबाड़ लदे वाहनों ने इतना तो साबित किया है कि मुखबिरी इत्तेफ़ाक़न या जानबूझकर, लेकिन बहुत कमजोर है वहीं कप्तान की अवैध कारोबार न चलने देने की मंशा का पालन करा पाने में कतिपय थाना प्रभारी कमजोर साबित हो रहे हैं।
👉🏻 यह मामला पकड़ में आया है
दिनांक 27 जनवरी को प्रार्थी द्वारा थाना उरगा में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई कि वे वैष्णव ट्रेडिंग कंपनी के प्रोप्राइटर हैं, जिनकी कंपनी द्वारा ग्राम लबेद में आरडीएसएस योजना अंतर्गत विद्युत विभाग का केबल कन्वर्जन कार्य किया गया था। कार्य पूर्ण होने के पश्चात सामग्री ग्राम लबेद स्थित गोदाम में रखी गई थी।
दिनांक 26.01.2026 की रात्रि अज्ञात चोरों द्वारा गोदाम से लगभग 400 मीटर एल्यूमिनियम केबल (70 स्क्वायर) कीमती करीब ₹80,400/- एवं एल्यूमिनियम तार लगभग 400 किलोग्राम कीमती करीब ₹1,33,000/- चोरी कर ली गई।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 67/2026, धारा 331(4), 305, 3(5) बीएनएस एवं धारा 111(2), 317(4) बीएनएसएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
👉🏻 संदिग्ध वाहन की पड़ताल से पकड़ाया
विवेचना के दौरान मुखबिर सूचना, तकनीकी साक्ष्य एवं संदेह के आधार पर पुलिस टीम द्वारा एक संगठित गिरोह का खुलासा किया गया। पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहन क्रमांक CG 12 AU 1442 को रोककर पूछताछ की गई, जिसमें मौजूद आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किया गया। आरोपियों के कब्जे से चोरी गया संपूर्ण एल्यूमिनियम केबल एवं तार बरामद कर विधिवत जप्त किया गया।
👉🏻 कैसे चुराया,कहाँ खपाने की योजना थी,इसका खुलासा नहीं
पुलिस ने केबल तार की चोरी का मामला सुलझा कर सफलता तो हासिल कर ली लेकिन जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि इतनी बड़ी चोरी को अंजाम देने के लिए किस तरह की योजना बनाई गई थी, चोरी को किस तरह से अंजाम दिया गया और तार को चोरी करने के बाद किस तरह से, कहां किसके पास खपाने और बेचने की योजना थी? खैर, यह राहत की बात है कि गिरफ्त से बाहर होने से पहले इस बड़ी चोरी को पुलिस ने सुलझा लिया और प्लास्टिक, पुट्ठा,शीशी,बोतल खरीदने की आड़ में वाहनों की कटिंग कर बेचने और सरकारी संपत्तियों की चोरी कराने का गिरोह चलाने वाले को बेनकाब किया गया।


