कोरबा जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत डोकरमना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की राशन दुकान को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने राशन दुकान से करीब 20 बोरी चना बाहर ले जाते हुए पकड़ लिया, जिसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हितग्राहियों के हिस्से का चना चोरी-छिपे बेचने की तैयारी की जा रही थी, जबकि पंचायत के कई पात्र परिवार अब तक राशन से वंचित हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में 150 से अधिक हितग्राहियों को न तो चना मिला है और न ही उन्हें निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न का वितरण किया गया है।
वाहन रोककर मांगा जवाब, गांव में तनाव
सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और चना ले जा रहे वाहन को रोककर संचालक से जवाब मांगा। इस दौरान गांव में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा और लोगों में आक्रोश देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि डोकरमना की शासकीय राशन दुकान का संचालन लाली यादव तथा विक्रेता दीनबंधु यादव द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पहले भी चावल और चना वितरण में गड़बड़ी और गबन के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई।
संचालक ने दी सफाई, लेकिन उठे सवाल
वहीं राशन दुकान संचालक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि डोकरमना पंचायत का चना पड़ोसी ग्राम नाकिया के हितग्राहियों को वितरण के लिए ले जाया जा रहा था। हालांकि इस सफाई पर भी ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब डोकरमना के अपने हितग्राहियों को ही चना नहीं मिला, तो दूसरे गांव में वितरण के लिए सामग्री भेजना संदिग्ध है।
सरपंच ने दी चेतावनी, जांच की मांग तेज
घटना की जानकारी मिलने पर सरपंच ने पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में बैठक बुलाई। बैठक में मामले पर गंभीर चर्चा करते हुए संबंधित पक्ष को कड़ी चेतावनी दी गई।
सरपंच ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल एक मौका दिया जा रहा है, लेकिन भविष्य में राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर, ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


