कोरबा। कोरबा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत चचिया के पास स्थित एक गोठन, जिसे स्थानीय लोग लुदूखेत के नाम से जानते हैं, वहां बड़े पैमाने पर खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है। यह खुदाई गोठन क्षेत्र एवं शासकीय भूमि में की गई है, जिससे कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले की जानकारी लेने पर ग्राम पंचायत चचिया के सरपंच श्याम बरन सिंह राठिया से जब चर्चा की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें इस खुदाई के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
वहीं, तहसील स्तर पर जब तहसीलदार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने भी इस खुदाई के बारे में किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया।
इसके बाद जब वन विभाग के रेंजर से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने भी यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें इस खुदाई की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरपंच श्याम बरन सिंह राठिया, तहसील प्रशासन और वन विभाग—तीनों ही इस खुदाई से अनजान हैं, तो आखिर यह खुदाई किसकी अनुमति से कराई गई? शासकीय भूमि को खोदकर चौड़ा किया जाना नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुदाई से निकाली गई मिट्टी का उपयोग भारतमाला रोड परियोजना में फिलिंग के लिए किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसके लिए किसी सक्षम प्राधिकारी से वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं।
मामले में अब जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शासकीय भूमि पर हुई इस खुदाई के पीछे कौन जिम्मेदार है और क्या नियमों का पालन किया गया या नहीं। SN इंडिया न्यूज से जितेन्द्र दास महंत कि रिपोर्ट




