छत्तीसगढ़ में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल को लेकर यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट है। शासन (सरकार) से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदार संघ ने अपनी सामूहिक छुट्टी/हड़ताल को समाप्त कर 4 जून से वापस काम पर लौटने का निर्णय लिया है।
इस फैसले से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से तहसील कार्यालयों में जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र और जमीन की रजिस्ट्री-नामांतरण जैसे जरूरी प्रशासनिक काम पूरी तरह ठप पड़े थे।
मुख्य बिंदु: क्या थीं प्रमुख मांगें?
राजस्व अधिकारियों के इस विरोध प्रदर्शन के पीछे कुछ लंबे समय से लंबित मांगें थीं, जिन पर सरकार ने विचार करने का भरोसा दिया है:
सुरक्षा की मांगमैदानी स्तर पर काम करते समय तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को अक्सर विवादों या असामाजिक तत्वों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी।
पदोन्नति (Promotion)नायब तहसीलदारों से तहसीलदार और तहसीलदारों से डिप्टी कलेक्टर के पद पर समयबद्ध प्रमोशन की प्रक्रिया को गति देने की मांग।
वेतन विसंगति और संसाधन ग्रेड पे में सुधार और शासकीय कार्यों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं व वाहन भत्ता उपलब्ध कराना।
> आगे क्या 4 जून से सभी राजस्व न्यायालयों और तहसील कार्यालयों में कामकाज दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा। अगर आपके या आपके किसी परिचित के राजस्व संबंधी काम रुके हुए थे, तो कल से उन पर आगे की कार्रवाई संभव हो सकेगी।






