कोरबा, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के निर्माणाधीन रेल प्रोजेक्ट से जुड़ी रेलवे पटरियों की चोरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। जटगा चौकी क्षेत्र के ग्राम बरबसपुर में एक किराए के मकान से पुलिस ने करीब 6.48 टन रेलवे पटरी बरामद की है। इतनी बड़ी मात्रा में रेलवे सामग्री मिलने से पुलिस अब इसके पीछे सक्रिय कबाड़ चोरी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, बरबसपुर में आखीर लाल के पक्के मकान को राजू कुमार नामक युवक ने किराए पर लिया था। बताया गया है कि वह छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के तहत नई रेल लाइन का काम कर रही एक निजी कंपनी में कार्यरत था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मकान में दबिश दी तो वहां 36 नग कटी हुई रेलवे पटरी, जिसका कुल वजन लगभग 6,480 किलोग्राम पाया गया।
रेल पटरी काटने के उपकरण भी मिले
मौके से केवल रेलवे पटरी ही नहीं, बल्कि उसे काटने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने चार ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस कटर, घरेलू गैस सिलेंडर सहित अन्य सामान और एक स्वराज माजदा वाहन जब्त किया है। इससे पुलिस की जांच अब इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि रेलवे सामग्री को काटकर यहां लाया गया या मौके पर ही उसे काटा गया।
पुलिस पहुंची तो फरार हो गया आरोपी
पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही मकान में मौजूद राजू कुमार मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने बताया कि बरबसपुर स्थित किराए के मकान से 36 नग रेलवे पटरी बरामद हुई है, जिनका वजन करीब 6,480 किलोग्राम है। मामले में गैस कटर और सिलेंडर सहित अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।
रेल विभाग और कंपनी से ली जा रही जानकारी
जटगा चौकी प्रभारी भीम यादव के मुताबिक बरामद रेलवे सामग्री की जानकारी संबंधित रेल विभाग के अधिकारियों को दी गई है। वहीं नई रेल लाइन का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाकर यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद पटरियां उनके प्रोजेक्ट की हैं या नहीं और यदि हैं तो निर्माण स्थल से यह सामग्री गायब कैसे हुई।
क्या इसके पीछे बड़ा कबाड़ नेटवर्क?
एक किराए के मकान से इतनी बड़ी मात्रा में रेलवे पटरी मिलने के बाद पुलिस को मामले में संगठित कबाड़ चोरी के नेटवर्क की आशंका है। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि रेलवे की सामग्री को कहां से उठाया गया, इसे यहां कौन लेकर आया और इसके पीछे कितने लोग जुड़े हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस फरार राजू कुमार की तलाश के साथ-साथ रेलवे विभाग और संबंधित कंपनी से दस्तावेजी जानकारी जुटा रही है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ रेलवे पटरी चोरी से जुड़े कई और नाम सामने आने की संभावना है।




