बीजापुर। लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। उफनती नदियों और नालों के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। ऐसे संकटपूर्ण समय में बीजापुर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साहसिक और मानवीय रेस्क्यू अभियान चलाकर एक ही दिन में 9 लोगों की जान बचाने में सफलता हासिल की।
एसडीएम भूपेन्द्र गावरे के निर्देश पर तहसीलदार देवनन्दन टंडन के नेतृत्व में एसडीआरएफ, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने उसूर ब्लॉक के ग्राम डल्ला पहुंचकर बाढ़ में फंसी प्रसूता महिला और उसके नवजात शिशु को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। वहीं ग्राम मल्लेपल्ली में जलभराव के बीच फंसी गर्भवती महिला का भी सफल रेस्क्यू कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया।
इसी दौरान लंकापल्ली झरने की प्राकृतिक सुंदरता देखने पहुंचे सात पर्यटक अचानक बढ़े जलस्तर के कारण पिछले दो दिनों से फंसे हुए थे। सूचना मिलते ही तहसीलदार देवनन्दन टंडन स्वयं एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जोखिम भरे अभियान के बाद सभी पर्यटकों को सकुशल बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन ने प्रभावित गांवों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की। तहसीलदार देवनन्दन टंडन ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ के दौरान किसी भी हालत में उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें। वहीं एसडीएम भूपेन्द्र गावरे ने नंबी, गलगम और कर्रेगुट्टा सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए राजस्व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
लगातार बारिश और बाढ़ के बीच प्रशासन की त्वरित, संवेदनशील और साहसिक कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। यह सफल रेस्क्यू अभियान आपदा की घड़ी में प्रशासन की मुस्तैदी, समर्पण और मानवीय संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।






