इनोवा का इंजन बदलने का आरोप, गैराज संचालक समेत दो पर FIR, रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में ग्राहक की इनोवा कार का इंजन कथित तौर पर बदलने का मामला सामने आया है। डेंट-पेंट और शॉकअप के काम के लिए गैराज में दी गई इनोवा कार में मूल इंजन की जगह दूसरे वाहन का इंजन लगाए जाने का आरोप है। मामले में सेकेंड हैंड कार कारोबारी ड्रीम कार वर्ल्ड अमलीडीह के संचालक सन्नी बीरे की शिकायत पर खम्हारडीह पुलिस ने गैराज संचालक हेमंत विश्वकर्मा और जयदीप सिंह के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता सन्नी बीरे ने अपनी इनोवा कार क्रमांक CG 04 DN 9099 को डेंट-पेंट और शॉकअप का काम कराने के लिए कचना ओवरब्रिज के नीचे संचालित हेमंत गैरेज में दिया था। वाहन को गैराज में मरम्मत के लिए दिए जाने के बाद वहां आवश्यक काम किया जा रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 4 अगस्त को जब काम पूरा होने के बाद वाहन को स्टार्ट किया गया तो इंजन की आवाज में पहले की तुलना में बदलाव महसूस हुआ। आवाज में अंतर आने पर वाहन के बोनट को खोलकर इंजन की जांच की गई।
जांच के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि इनोवा में लगा मूल इंजन वहां मौजूद नहीं था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वाहन के मूल इंजन को निकालकर उसकी जगह किसी दूसरे वाहन का इंजन लगा दिया गया था। शिकायत में इनोवा के मूल इंजन का नंबर 6377545 बताया गया है, जबकि वाहन में लगाए गए दूसरे इंजन का नंबर 6589508 बताया गया। इस जानकारी के सामने आने के बाद कार मालिक की ओर से गैराज संचालक से इस संबंध में जानकारी मांगी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब गैराज संचालक को इंजन बदले जाने की जानकारी दी गई और पुलिस में शिकायत करने की बात कही गई, तो कथित तौर पर इनोवा में दोबारा उसका मूल इंजन लगा दिया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि जिस वाहन से दूसरा इंजन निकाले जाने की बात सामने आई, उसका नंबर CG 04 DU 3500 बताया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद वाहन मालिक ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद गैराज संचालक हेमंत विश्वकर्मा और जयदीप सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। इंजन बदलने के इस आरोप के बाद गैराज की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। डेंट-पेंट और शॉकअप जैसे काम के लिए गैराज में पहुंची कार का इंजन कथित तौर पर किस परिस्थिति में बदला गया, यह जांच का विषय है। दूसरा सवाल यह है कि यदि वाहन का इंजन बदला गया था तो इसकी जानकारी कार मालिक को क्यों नहीं दी गई। वहीं, दूसरे वाहन का इंजन इनोवा में लगाने की जरूरत क्यों पड़ी और बाद में कथित तौर पर मूल इंजन दोबारा वाहन में कैसे लगाया गया, पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है।





