कोरबा। शहर के चेकपोस्ट गली नंबर-1 क्षेत्र में कथित अवैध गांजा कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। रहवासियों का आरोप है कि इलाके में सुबह से ही कई गाड़ियों का जमावड़ा दिखाई देता है और दिनभर लोगों एवं वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। इसके बावजूद कथित नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अब पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब किसी क्षेत्र में सुबह से गाड़ियों की आवाजाही, लोगों का लगातार आना-जाना और संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा खुले तौर पर हो रही हो, तो फिर संबंधित विभागों की नजर वहां तक क्यों नहीं पहुंच रही? अगर सब कुछ विभागों की नजर के सामने है, तो कार्रवाई जीरो क्यों है?
सुबह से जमावड़ा, दिनभर आवाजाही… फिर भी कार्रवाई नहीं?
रहवासियों के अनुसार, क्षेत्र में सुबह से ही वाहनों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। दिनभर अलग-अलग लोगों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इलाके में कथित नशे के कारोबार को लेकर लंबे समय से शिकायतें और चर्चाएं होती रही हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिम्मेदार विभागों को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं है, या फिर जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही?
यदि क्षेत्र में कोई अवैध गतिविधि नहीं है तो प्रशासन जांच कर स्थिति स्पष्ट करे और यदि शिकायतों में सच्चाई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
‘नजर के सामने सब कुछ, फिर कार्रवाई क्यों नहीं?’
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग की गश्त और निगरानी का उद्देश्य ही ऐसी गतिविधियों पर नजर रखना है। इसके बावजूद यदि किसी इलाके में कथित रूप से नशे का कारोबार चलता रहे और दिनभर संदिग्ध आवाजाही बनी रहे, तो यह निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
लोगों का सीधा सवाल है—
“जब सब कुछ आंखों के सामने होने की बात कही जा रही है, तो फिर कार्रवाई आखिर कब होगी?”
हालांकि, गांजा कारोबार और किसी प्रकार के संरक्षण या मिलीभगत के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि नशीले पदार्थों की कथित आसान उपलब्धता का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ सकता है। अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाए।
प्रशासन के सामने अब कई सवाल
– सुबह से गाड़ियों का जमावड़ा क्यों रहता है?
– दिनभर संदिग्ध आवाजाही की शिकायतों की जांच क्यों नहीं हो रही?
– पुलिस और आबकारी विभाग की नियमित गश्त कितनी प्रभावी है?
– स्थानीय शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
– यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करता?
– और यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो कार्रवाई कब होगी?
स्थानीयों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर
चेकपोस्ट गली नंबर-1 में कथित गांजा कारोबार को लेकर उठ रही शिकायतों ने जिम्मेदार विभागों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन सुबह से गाड़ियों का जमावड़ा और दिनभर जारी आवाजाही जैसी स्थानीय शिकायतों की जांच होना जरूरी है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर मौके की जांच करता है या फिर “सब दिख रहा है, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं” का सवाल यूं ही बना रहता है।

