SN इंडिया न्यूज | कोरबा
कोरबा। मानिकपुर वार्ड क्रमांक 33 के मुख्य मार्ग पर संचालित कल्लू मटन दुकान को लेकर उठे जनआक्रोश का आखिरकार असर दिखाई दिया है। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों और लगातार बढ़ते विरोध के बीच नगर पालिक निगम प्रशासन ने दुकान संचालक को बंदी का नोटिस जारी कर दिया है।
बताया जा रहा है कि दुकान के आसपास जानवरों के खून, मांस के अपशिष्ट, गंदगी और सड़न से उठने वाली असहनीय बदबू से स्थानीय रहवासी लंबे समय से परेशान थे। आरोप यह भी था कि मटन दुकान से निकलने वाला खून और अपशिष्ट नालियों में बहाया जा रहा था, जिससे नाली दूषित होने के साथ आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा था।
सबसे गंभीर सवाल यह उठ रहा था कि रिहायशी इलाके और मुख्य मार्ग पर इस तरह की गतिविधि आखिर कब तक चलती रहेगी? स्थानीय लोगों का कहना था कि आसपास से स्कूली बच्चों का भी आना-जाना रहता है और गंदगी व दुर्गंध का उनके वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
मामला बढ़ने के बाद वार्डवासियों ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि जिम्मेदार विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो आंदोलन किया जाएगा।
📢 निगम ने दिया साफ निर्देश
जनशिकायतों के बाद निगम के स्वच्छता विभाग ने कार्रवाई करते हुए दुकान संचालक को नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि रिहायशी क्षेत्र में संचालित दुकान को तत्काल बंद किया जाए अथवा बुधवारी स्थित अधिकृत नॉनवेज मार्केट में शिफ्ट किया जाए।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आदेश की अवहेलना किए जाने की स्थिति में संचालक के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
⚠️ अब सवाल—सिर्फ नोटिस या जमीन पर होगी तालाबंदी?
निगम की कार्रवाई के बाद वार्डवासियों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सिर्फ कागजी नोटिस जारी करने से समस्या खत्म नहीं होगी। लोगों की मांग है कि यदि दुकान नियमों के विपरीत संचालित पाई गई है तो मौके पर वास्तविक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वार्डवासियों ने दो टूक कहा है कि यदि नोटिस के बाद भी दुकान संचालित होती रही और मौके पर तालाबंदी नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह है कि निगम की यह कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित रहती है या वास्तव में मानिकपुर वार्डवासियों को गंदगी, दुर्गंध और दूषित नालियों की समस्या से स्थायी राहत मिलती है।


