सारंगढ़। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब, गांजा और नशीले सिरप का कारोबार बेलगाम हो गया है। आबकारी और पुलिस विभाग की सुस्ती का फायदा उठाकर अवैध कारोबारी खुलेआम सक्रिय हैं और गांव-गांव में नशे का जाल बिछा रहे हैं। नशे की गिरफ्त में सबसे ज्यादा युवा आ रहे हैं।
थाना क्षेत्र सारिया के अंतर्गत चौंदा, कटंगपाली, साल्हेओना, केनाभाठा, आमाकोनी, खोगिदा सहित दर्जनों गांवों में अवैध महुआ शराब की बिक्री जोरों पर है। बताया जा रहा है कि कोचिए ओडिशा सीमा से सस्ती महुआ शराब की खेप मंगाकर गांवों में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। शाम होते ही गांवों के चौक-चौराहों और सुनसान ठिकानों पर शराबियों की भीड़ लगने लगती है। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और असामाजिक गतिविधियां भी बढ़ रही हैं।
मेडिकल स्टोर्स पर धड़ल्ले से बिक रहा डीएक्स सिरप
नशे के इस खेल में कुछ मेडिकल स्टोर संचालक भी शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित नशीला डीएक्स सिरप धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। बिना डॉक्टर के पर्चे के यह सिरप युवाओं को महंगे दामों पर दिया जा रहा है। औषधि विभाग द्वारा कभी भी इन दुकानों पर छापामार कार्रवाई नहीं की जाती, जिसका फायदा दुकानदार उठा रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आबकारी, पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम बनाकर गांवों में अभियान चलाया जाए और अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाया जाए।
इसी तरह अवैध मादक पदार्थ गांजे की बिक्री भी गांवों में जारी है। गांजे की पुड़िया भी गांव की गलियों में 100 से 200 रुपये में बेची जा रही है। युवा छोटी-छोटी पुड़िया खरीदकर नशा कर रहे हैं। पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।


