कोरबा नगर निगम का कागजी डंडा बेअसर, नोटिस की धज्जियां उड़ाकर सीना ताने खड़ी है कल्लू मटन दुकान, क्या अफसरों के संरक्षण मे चल रही संचालक की सवेछाँचारिता ?
जनता का आक्रोश चरम पर, आखिर किसके संरक्षण में चल रहा रिहायशी इलाके में अवैध कसाईखाना?
छत्तीसगढ़ / कोरबा
कोरबा नगर निगम के प्रशासनिक रौब को कितना गंभीरता से लिया जा रहा हैँ इसकी जीती-जागती मिसाल मानिकपुर वार्ड क्रमांक 33 में देखने को मिल रही है। रिहायशी इलाके में नियमों को रौंदकर चलाई जा रही कल्लू मटन दुकान को बंद करने के लिए नगर निगम ने पूरे तामझाम के साथ नोटिस जारी किया था। लेकिन नतीजा क्या निकला? ढाक के वही तीन पात। नोटिस जारी होने के बाद भी दुकान का शटर शान से खुला है, छुरियां चमक रही हैं और खून की धार सड़कों पर बह रही है। प्रशासनिक नोटिस को खुलेआम रद्दी का टुकड़ा समझने वाले इस संचालक की हिम्मत यह साफ बयां कर रही है कि पर्दे के पीछे से निगम के ही सम्बंधित कुछ जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे अवैध खेल को संरक्षण दे रहे हैं ।
नगर निगम ने शहर की स्वच्छता और व्यवस्था के लिए जनता के खून-पसीने की गाढ़ी कमाई से निगम द्वारा बाकायदा नॉनवेज मार्केट तैयार किया है। नियम यह कहता है कि रिहायशी बस्तियों से दूर हर मांस-मटन विक्रेता को उसी चिन्हित बाजार में दुकान लगानी चाहिए।
लेकिन बड़ा सवाल यह है निर्देश और नियम के बावजूद आखिर मानिकपुर के मुख्य मार्ग पर कल्लू मटन दुकान को इतनी खुली छूट क्यों दी गई है? क्या निगम के स्वच्छता निरीक्षक, स्वास्थ्य अधिकारी और अतिक्रमण शाखा के अफसरों को मौके पर जाकर तवारित कार्रवाई करने में पसीने छूट रहे हैं?
क्या सिर्फ शिकायतकर्ताओं को शांत करने के लिए 26 अक्टूबर को नोटिस की एक पर्ची थमा दी गई ताकि मामला ठंडे बस्ते में चला जाए?
अधिकारियों की यह आपराधिक चुप्पी इस संदेह को पुख्ता करती है कि रिहायशी इलाके में इस अवैध दुकान को जिंदा रखने के लिए लेन-देन का कोई गुप्त खेल चल रहा है।
इस मुख्य मार्ग से रोज नन्हें-मुन्हें स्कूली बच्चे अपनी बस्ते लटकाए गुजरते हैं। उनके सामने सरेआम तड़पते बकरे, कटती गर्दनें और खून के फव्वारे उनके कोमल मन पर जो गहरा खौफ और आघात छोड़ रहे हैं,उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
आरोप हैँ संचालक की हिमाकत इतनी बढ़ चुकी थी कि वह खून और दुर्गंधयुक्त अपशिष्ट सीधे उस नाले में बहा रहा था, लेकिन वर्तमान मे ऐसा नहीं हो रहा है l
वार्ड वासियों के अनुसार नोटिस को दरकिनार कर बेखौफ चल रही इस दुकान को देखकर वार्डवासियों का धैर्य अब पूरी तरह टूट चुका है। स्थानीय नागरिकों ने निगम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को खुली चेतावनी दी है कि यदि जल्द मटन दुकान को मौके से बलपूर्वक नहीं हटाया गया और निगम द्वारा चिन्हांकित मार्केट मे शिफ्ट नहीं किया गया तो वे सीधे कलेक्टर जनदर्शन मे शिकायत कर धरना करेंगे। जनता की दो टूक मांग है, अब और नोटिस नहीं, मौके पर सील और ताला चाहिए l
नगर पालिक निगम द्वारा 26 अक्टूबर को जारी नोटिस क्रमांक 11670 में कल्लू मटन दुकान को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया था, फिर भी रिहायशी इलाके में दुकान बेधड़क चल रही है। इस पर जब ज़मीनी हकीकत जानने के लिए संबंधित जिम्मेदार तपन तिवारी को पत्रकार द्वारा लगातार फोन किया गया तो उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा।


