कोरबा/पाली:- जिले के शिक्षा विभाग में वैसे तो अनेकों घपले- घोटाले देखने- सुनने को मिले, लेकिन एक घोटाला ऐसा जिसे जानकर आप अपने दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाएंगे। जी हां… यह घोटाला हुआ है फर्जी मेडिकल बिल के नाम पर, जिसमे एक शिक्षक पत्नी व पुत्री के गंभीर बीमारी के उपचार में मर्दाना दवाई और चेहरे चमकाने वाले फेसवॉश व क्रीम सहित टूथपेस्ट और ईनो का उपयोग हुआ है।
यह चौकाने वाला घोटाला पाली विकासखण्ड के बकसाही में संचालित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षक सुभाष चन्द्र गुप्ता की पत्नी, बेटी के इलाज के नाम पर हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता बादल दुबे (विजय) को प्राप्त दस्तावेज में जो चौकाने वाला खुलासा हुआ है, उसके मुताबित उक्त शिक्षक पत्नी और बेटी के गंभीर बीमारी में चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाइयों में मैनफोर्स, वियाग्रा, उस्ताद जैसे मर्दाना उपयोगी और चेहरे चमकाने वाले फेसवॉश में व्हाइट टोन फेश, क्सेसिन क्रीम, पोंड्स सैंडल, फल्क तथा कोलगेट, ईनो, गुड़ नाइट कुल जैसे चीजों से बीमारी का उपचार हुआ है। जिसके मेडिकल बिल के नाम पर शिक्षक को 1.80 लाख का बकायदा शिक्षा विभाग की ओर से भुगतान भी किया गया है। मेडिकल दस्तावेजों में जो उल्लेख है उसके अनुसार शिक्षक सुभाष चन्द्र गुप्ता ने अपनी पत्नी, बेटी के गंभीर बीमारी पर 3 माह चले उपचार का बिल शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पाली के प्राचार्य मनोज सराफ के पास प्रस्तुत किया। जिन्होंने प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण कर मुख्य चिकित्साधिकारी कोरबा को भेजा, जहां से बिल प्रमाणित होकर जिला शिक्षाधिकारी के पास पहुँचा और उन्होंने भी मांगपत्र जारी कर उप कोषालय कटघोरा को राशि भुगतान के आदेश जारी कर दिए। इस बाबत जब प्राचार्य मनोज सराफ से जानकारी ली गई तब उन्होंने इस घोटाले से खुद को पाक- साफ बताते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी व जिला शिक्षाधिकारी के सहमति और हस्ताक्षर से मेडिकल बिल का भुगतान किया जाना बताया। अब इस घोटाले को लेकर जिम्मेदार वर्ग एक- दूसरे पर आरोप मढ़ रहे है। आरटीआई कार्यकर्ता बादल दुबे ने बताया कि इसी तरह और 4 बिलों के माध्यम से करीब 7 लाख के घोटाले को अंजाम दिया गया है, जिसके मय साक्ष्य उसके पास उपलब्ध है और जिन सभी दस्तावेजों के साथ जल्द ही वह जिला प्रशासन से शिकायत कर आवश्यक कार्रवाई की मांग करेगा। बहरहाल देखने वाली बात होगी कि इस अजूबे उपचार वाले घोटाले पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई सुनिश्चित होगी?



