कोरबा। जनपद पंचायत कोरबा की ग्राम पंचायत तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद तकनीकी सहायक अभिषेक चौरसिया को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि पंचायत सचिव नवीता दुबे को निलंबित किया गया है। मामले में छह नामजद लोगों के खिलाफ थाना उरगा में अपराध भी दर्ज किया गया है।
मामला उस समय सामने आया जब आरटीआई कार्यकर्ता एवं पत्रकार जितेंद्र कुमार साहू ने दस्तावेजों के आधार पर शिकायत कर मामले की जांच की मांग उठाई। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने रिकॉर्ड की जांच कराई, जिसमें अपात्र हितग्राहियों के नाम पीएम आवास योजना से जोड़ने और शासकीय राशि के भुगतान में अनियमितता के आरोप सामने आए।
ग्राम सभा की सूची में बदलाव का आरोप
जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, 18 जुलाई 2024 को आयोजित विशेष ग्राम सभा में 214 नामों का सार्वजनिक वाचन किया गया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया में 66 लोगों को अपात्र मानते हुए सूची से बाहर किया गया था। बाद में इन्हीं नामों को कथित रूप से पात्र दिखाकर फर्जी कार्यवाही तैयार किए जाने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद 23 जून 2026 को पीएम आवास पोर्टल पर प्रविष्टियां किए जाने और कई खातों में पहली किश्त की राशि भेजे जाने की बात सामने आई। जांच में कुछ ऐसे हितग्राहियों के नाम भी सामने आने का उल्लेख है, जिनकी पात्रता पर सवाल उठे।
रिकॉर्ड मांगे गए, लेकिन जांच में सहयोग नहीं मिला
जिला स्तरीय जांच के दौरान संबंधित रिकॉर्ड, पासबुक, पहचान पत्र और मृत्यु रजिस्टर समेत दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन के अनुसार, निर्धारित समय पर अपेक्षित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए और नोटिस का भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इसके बाद पंचायत सचिव नवीता दुबे के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई और उन्हें जनपद पंचायत मुख्यालय से संबद्ध किया गया।
तकनीकी सहायक की बर्खास्तगी
जिला पंचायत की जांच रिपोर्ट के आधार पर तकनीकी सहायक अभिषेक चौरसिया के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। कार्यालय जिला पंचायत कोरबा के आदेश के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
वहीं, पीएम आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े जिला समन्वयक आशीष कुमार की शिकायत पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 0536/2026 दर्ज किया गया है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस में दर्ज प्रकरण में देवानंद श्रीवास, अभिषेक चौरसिया, ध्रुव कुमार साहू, धनंजय पटेल, रामेश्वरी कंवर और पंचायत सचिव नवीता/नमीता दुबे को नामजद किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई और FIR के बाद अब मामले की जांच पुलिस स्तर पर भी आगे बढ़ेगी। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित अनियमितता में किसकी क्या भूमिका थी और शासकीय राशि के लेनदेन से जुड़े पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
तिलकेजा का यह मामला सामने आने के बाद अब अन्य पंचायतों में भी पीएम आवास योजना से जुड़े रिकॉर्ड और हितग्राहियों की पात्रता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, किसी अन्य पंचायत में अनियमितता की पुष्टि जांच के बाद ही मानी जाएगी।





