रायगढ़, 26 सितंबर 2026। चोरी की संपत्ति की खरीद-बिक्री और अवैध कबाड़ के कारोबार पर शिकंजा कसने रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर जांच के दौरान 5 ट्रक और एक माजदा वाहन को रोककर उनमें लदे कुल 129.840 टन लोहे, टीन और अन्य स्क्रैप को जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक जब्त कबाड़ की अनुमानित कीमत करीब 53.60 लाख रुपये, जबकि छह वाहनों की कीमत लगभग 68 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह पूरी कार्रवाई में करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये की संपत्ति पुलिस के कब्जे में आई है।
प्लांट के पास रोका ट्रक, नहीं मिले जरूरी कागजात
पुलिस को सूचना मिली थी कि UP63AT2054 नंबर के 14 चक्का ट्रक में टीन, लोहे के टुकड़े, राड और वाहन पार्ट्स का स्क्रैप लेकर उसे प्लांट क्षेत्र में खपाने ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने स्केनिया प्लांट के पास ट्रक को रोककर जांच की।
जांच के दौरान ट्रक में करीब 23.990 टन स्क्रैप मिला, जिसकी कीमत लगभग 8.49 लाख रुपये बताई गई। वाहन की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है। चालक राकेश गिरी, निवासी जौनपुर (उत्तर प्रदेश) से पुलिस ने स्क्रैप से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वह संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने वाहन और स्क्रैप जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की।
नाकेबंदी में एक के बाद एक पांच वाहन आए पकड़ में
इसके बाद पुलिस ने पूंजीपथरा-तमनार चौक पर नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच तेज कर दी। इसी दौरान पांच और वाहनों में बड़ी मात्रा में स्क्रैप मिला।
पुलिस के अनुसार—
– CG14MF0223 से 18.350 टन स्क्रैप, कीमत करीब 7.70 लाख रुपये।
– OD05R7085 से 24.830 टन स्क्रैप, कीमत करीब 10.54 लाख रुपये।
– CG22U3873 माजदा से 13.040 टन स्क्रैप, कीमत करीब 5.77 लाख रुपये।
– OD29D4325 से 25.510 टन स्क्रैप, कीमत करीब 10.83 लाख रुपये।
– OD19C4666 से 24.120 टन स्क्रैप, कीमत करीब 10.24 लाख रुपये।
इन वाहनों से कुल 105.850 टन स्क्रैप बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान चालक स्क्रैप के स्रोत, परिवहन और उसके वैध दस्तावेजों को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके।
आखिर कहां से आया इतना कबाड़? जांच का दायरा बढ़ा
इतनी बड़ी मात्रा में मिले स्क्रैप के बाद पुलिस अब केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। कबाड़ कहां से आया, किसके द्वारा भेजा गया, किन रास्तों से इसका परिवहन हुआ और इसे किस स्थान या प्लांट में खपाया जाना था, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि जब्त स्क्रैप का संबंध कहीं चोरी की संपत्ति से तो नहीं है। इसके अलावा माल के मालिक, परिवहनकर्ता, वाहन मालिक और संभावित खरीदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी गई है।
6 अलग-अलग मामलों में कार्रवाई
पूंजीपथरा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान छह वाहनों से संबंधित छह प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के मुताबिक बिना वैध दस्तावेज संदिग्ध स्क्रैप का परिवहन करने वालों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, एएसआई उमाशंकर विश्वाल सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध कबाड़ के कारोबार और चोरी के माल की खपत पर निगरानी लगातार जारी रहेगी तथा संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




