जशपुर (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। तस्करों ने ओडिशा से उत्तर प्रदेश गांजा ले जाने के लिए हरी मिर्च की बोरियों का सहारा लिया था। पुलिस ने चेकिंग के दौरान मिनी ट्रक से लगभग 4.5 क्विंटल (450 किग्रा) गांजा जब्त किया है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये आंकी गई है।
सुबह 4:30 बजे नाका चेकिंग में पकड़ा गया ट्रक
तपकरा थाना प्रभारी (T.I.) त्रिलोक प्रधान और एंटी नारकोटिक्स टीम ओडिशा बॉर्डर के पास लावाकेरा बैरियर पर तड़के 4:30 बजे चेकिंग पर तैनात थी। इसी दौरान ओडिशा की ओर से आ रहे एक मिनी ट्रक (नंबर: UP 71 T 6592) को रोका गया। ड्राइवर से जब पूछताछ की गई, तो उसने गाड़ी में हरी मिर्च होने की बात कही।
संदेह होने पर की गई गहन तलाशी
ओडिशा से उत्तर प्रदेश की ओर हरी मिर्च की सप्लाई सामान्य नहीं होने के कारण पुलिस को संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान ड्राइवर घबराने लगा और गोलमोल जवाब देने लगा। संदेह गहराने पर जब पुलिस जवानों ने ट्रक की तलाशी ली, तो उसमें हरी मिर्च की बोरियों की 5 परतें बिछाई गई थीं। मिर्च की तेज गंध के कारण जवानों को आंखों में जलन भी हुई, लेकिन उन्होंने एक-एक करके बोरियां हटाना शुरू किया।
मिर्च की बोरियों के नीचे सफेद पैकेटों में छिपाकर रखा गया 4.5 क्विंटल गांजा बरामद हुआ।
‘ऑपरेशन आघात’ के तहत बड़ी कार्रवाई
जशपुर पुलिस कप्तान (SP) लाल उमेद सिंह के निर्देशन में जिले में नशा तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन आघात’ चलाया जा रहा है। तस्करों ने गांजे की गंध दबाने के लिए करीब 80 हजार रुपये की हरी मिर्च की बलि दी थी, ताकि करोड़ों का गांजा आसानी से पार कराया जा सके।
मामले में पुलिस ने ट्रक को जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

