कोरबा | 28 जुलाई 2026
जिले में खनिज माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न तो कानून का खौफ है और न ही जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी के आदेश की परवाह 10 जून से 15 अक्टूबर तक जिले के सभी रेत घाटों से खनन पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद कोरबा में खुलेआम रेत की डकैती जारी है।
कलेक्टर साहब का सख्त आदेश माफियाओं के आगे सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गया है।
🚨 आज की बड़ी वारदात अधिकारियों की नाक के नीचे से माफिया चंपत
आज दिनांक 28 जुलाई 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर खनिज विभाग की टीम ने अवैध रेत खनन पर दबिश देकर 5 गाड़ियों को रंगे हाथों पकड़ा लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की पोल खोल कर रख दी
माफियाओं की गुंडागर्दी और चालाकी
खनिज विभाग की टीम मौके पर मौजूद ही थी कि शातिर रेत माफिया अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर अपनी 4 गाड़ियां (ट्रैक्टर) लेकर मौके से चंपत हो गए विभाग की टीम केवल देखती रह गई।
यह घटना साफ बयान करती है कि कोरबा में रेत माफियाओं को न तो पुलिस का डर है और न ही खनिज विभाग की कार्रवाई का कोई असर हो रहा है।
बड़े सवाल जो प्रशासन को झकझोरते है
कागजी साबित हो रहा आदेश जब कलेक्टर महोदय ने और मानसून के नियमों के तहत 10 जून से 15 अक्टूबर तक खनन पर रोक लगाई है, तो फिर नदियों का सीना चीरकर रेत कौन निकाल रहा है
अधिकारियों की लाचारी या साठगांठ दिन-दहाड़े टीम के सामने से 4 गाड़ियां गायब हो जाना केवल माफिया की चालाकी है या इसके पीछे अंदरूनी शह है
कब जागेगा प्रशासन क्या ऐसे माफियाओं पर केवल गाड़ियां पकड़ने का नाटक होगा या उन पर गैर-जमानती धाराओं (FIR) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी
📣 ‘खबर का असर’ चाहिए, कागजी खानापूर्ति नहीं
यह खबर केवल एक घटना की रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग के लिए सीधी चुनौती है। अगर समय रहते इन बेखौफ माफियाओं पर बुलडोजर जैसी कड़ी कार्रवाई और एफआईआर नहीं की गई, तो प्राकृतिक संसाधनों की लूट के साथ-साथ शासन का इकबाल पूरी तरह खत्म हो जाएगा
अब देखना यह है कि इस खबर के बाद जिला प्रशासन क्या केवल तमाशबीन बना रहता है या कोई बड़ा एक्शन लेकर लगातार छापेमारी की कार्रवाई शुरू करता है
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